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त्याग व बलिदान का महापर्व बकरीद शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया इलाके की सबसे बड़ी ईदगाह रजोखर में नहीं हुई नमाज

अररिया-(अल्लामा ग़ज़ाली)

बुधवार को शांतिपूर्ण माहौल में त्याग व बलिदान का महापर्व बकरीद शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया.जबकि अररिया प्रखंड अंतर्गत सबसे बड़ी ईदगाह रजोखर में नहीं हुई नमाज़,देर रात मुसलाधार बारिश होने से रजोखर ईदगाह जलमग्न हो गई.बता दें कि देर रात मुसलाधार वर्षा होने से गया सिर्फ ईदगाह ही नहीं बल्कि शहर भी जलमग्न था.बारिश होने के कारण अधिकतर ईदगाहों में नमाज नहीं हुई.जिसके वजह से लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ा.ईदल -अजहा की नमाज़ अदा करने के लिए जोकीहाट, अररिया व पलासी के मुस्लिम भाईयों को परेशानी तो हुई, लेकिन ख़बर लिखे जाने तक कुर्बानी को ले कोई बात सामने नहीं आयी है.

इस दौरान पुलिस प्रशासन काफी चुस्त-दुरुस्त दिखे.बताना लाजमी होगा कि रजोखर ईदगाह में तकरीबन 15 से 20 गांव के लोग ईद- बकरीद की नमाज़ पढ़तें हैं.जलजमाव से अकीदतमंदो ने मस्जिदों में नमाज़ अदा किया.नमाज उस ईदगाह में अदा करते हैं लेकिन मुसलाधार बारिश होने के कारण ईदगाह में जलजमाव हो गया.अररिया के इस्लाम नगर ईदगाह में बारिश के वजह से 8:30 के बजाय 9:00 बजे नमाज़ अदा की गई, आजाद एकेडमी मस्जिद में 7:30 बजे,जामा मस्जिद में 7:30 ,गैयारी ईदगाह में बारिश होने कारण क्षेत्र के विभिन्न इलाके से लोग गैयारी ईदगाह में नमाज अदा किया इससे पहले दारुल उलूम, मुनव्वर नगर,जीरो माइल स्थित मदरसा में लोगों ने आपसी-भाईचारे-सद्भाव का मिसाल पेश करते हुए आपस में गले मिलकर एक दूसरे को मुबारकबाद दी खलीलाबाद मस्जिद में दो बार नमाज अदा की गई 8:00 बजे के बाद पुनः उसी मस्जिद में 8:30 बजे नमाज हुई.

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मुसलाधार बारिश होने के कारण अररिया रेलवे स्टेशन कोर्ट जाने वाली मार्ग स्थित ब्रिज के नीचे वर्षा का पानी लगने से लोगों को आने जाने में काफी समस्याएं हुई और बारिश के पानी से सैलाब कीदृश्य याद आने लगी है.जिला प्रशासन द्वारा पशु एक्ट के तहत खुलेआम कुर्बान करना सख्त मना था और पशु का कोई भी अंग सार्वजनिक स्थलोंपर ना फेंकने की नसीहत दी थी और लोगों ने जिला प्रशासन का सहयोग करते हुए अररिया के गंगा जमुनी तहजीब को बरकरार रखा.त्याग व बलिदान का त्यौहार बकरीद शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया।नमाज अदा करने में परेशानी तो हुई लेकिन कुर्बानी करने को ले कोई विवादास्पद बातें सामने नहीं आयी.जिला प्रशासन अररिया द्वारा बकरीद शांतिपूर्ण माहौल में मनाने हेतु 2 दिन पूर्व शांति समिति का बैठक कर जनप्रतिनिधियों और समाज के वरिष्ठ नागरिकों को बकरीद ठीक ढंग से मनाने को कहा, साथ ही यहां की संस्कृति को बरकरार रखने का आग्रह किया.जिसके लिए जिला प्रशासन ने संवेदनशील जगहों को चिन्हित कर पैनी नजर रखा.अररिया अनुमंडल पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि बुधवार से लेकर शुक्रवार तक धारा-144 लागू रहेगी.

किसी भी तरह की घटना की सूचना अविलंब जिला प्रशासन को देने कहा,परंतु इस तरह की कोई बात सामने नहीं आयी.यह कहा जा सकता है कि पिछले वर्ष आयी प्रलयंकारी बाढ़ में राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस ठीक ढंग से नहीं मनाई गई थी, ठीक उसी तरह बुधवार को बकरीद की नमाज अदा करने के लिए मुस्लिम भाइयों को परेशानी हुई.लगभग सभी जगहों पर नमाज विलंब से हुई.आजाद एकेडमी मस्जिद में दो बार नमाज अदा की गई 8:00 बजे के बाद 8:30 बजे पुणे उसी मस्जिद में नमाज भी आफाक सिद्दीकी मस्जिद में 9:00 बजे ,ईदगाह में 9:45 खड़िया बस्ती में तकरीबन 10:00 बजे ईदुल अजहा की नमाज़ अदा की गई.मुसलाधार बारिश होने के कारण लगभग जगह निर्धारित समय पर नमाज नहीं हो पायी.डीएम व एसपी ने चिह्नित अतिसंवेदनशील जगहों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात रखा था.इस मौके पर लगभग चौक चौराहे पर पुलिस कर्मी व अन्य पुलिस बल जवान तैनात थे.इस अवसर पर गैयारी ईदगाह में अररिया प्रखंड प्रमुख शमसाद आलम, गुड्डू आलम,हारूण रशीद ग़ाफिल,अरशद अनवर अलिफ़,मोहम्मद अली अन्य मुस्लिम भाईयों ने त्याग बलिदान वाली त्योहार एक दुसरे से गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी.पलासी प्रखंड के डेहटी गांव में सामाजिक कार्यकर्ता शमसाद राही ने आपसी भाईचारे का मिशाल पेश करते हुए अन्य समुदाय से गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी.तो वहीं जदयू नेता मुर्शीद आलम ने मियांपुर पंचायत के आमजनों से आग्रह किया कि शांतिपूर्ण माहौल में बकरीद मनाएं और सीमांचल की संस्कृति को बरकरार रखें.

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