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गीतों के राजकुमार और वन मैन आर्मी थे गोपाल सिंह नेपाली

नालन्दा से डीएसपी सिंह

गीतों के राजकुमार और वन मैन आर्मी के नाम से विख्यात महाकवि, कविवर गोपाल सिंह नेपाली ने अपनी कविताओं से भारत को एक सूत्र में बांधने का काम किया.वे जीवन के विविध रागों के गायक थे.उनकी लेखनी ने हर क्षेत्र में अपनी गहरी छाप छोड़ी. उक्त बातें कविवर गोपाल सिंह नेपाली के 107 वीं जयंती पावस काव्य उत्सव समारोह में अध्यक्षता करते हुए हरिश्चन्द्र प्रियदर्शी ने शनिवार को नालन्दा के जिला मुख्यालय बिहार शरीफ शहर के श्री नालन्दा नाट्य संघ के सभागार में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कही.

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लालबाबू सिंह ने कहा कि कविवर नेपाली जी कालजयी कवि और गीतकार थे.इनकी लिखी कविता ने आजादी की लड़ाई में देशभक्तों में प्रेरणा भरी.उठो-उठो साहित्य देवता, तुझें पांचवीं बार पुकारा नेपाली की कविता को याद करते हीं फिल्मकार एसके अमृत ने कहा कि नेपाली ने फिल्मी दुनिया में भी गीत लिखे, लेकिन अपनी जमीन को नहीं छोड़ा.

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मौके पर साहित्यकार प्रो.कवि लक्ष्मीकांत सिंह ने भी अपना विचार विस्तार से रखे.उन्होंने कहा कि कविवर गोपाल सिंह नेपाली, विलक्षण प्रतिभा के स्वाभिमानी और राष्ट्रवादी कवि थे.वे प्रेम और संस्कृति के अमर गायक थे.उनके गीतों में देश-भक्ति और प्रेम रस का श्रृंगार है.वे अपने समय के सबसे लोकप्रिय कवि थे.उन्होंने कहा कि नेपाली जी ने जो कुछ भी लिखा और घूम-घूम कर अलख जगाया वह भारत के साहित्यिक इतिहास का अत्यंत लुभावना और अमिट हिस्सा रहा.


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नेपाली जी की रचनाएं युवाओं के लिए प्रेरणा

इसके मुख्य वक्ता बेनाम गिलानी ने कहा कि नेपाली की रचनाएं मुख्य रूप से युवाओं के लिए होती थी.इनकी रचनाओं में राष्ट्रप्रेम देखने को मिलता है.जोकि किसी भी देश के युवाओं में जागृत करना बेहद जरूरी है.वे कलम की स्वतंत्रता के पक्षधर थे.नालन्दा नाट्य संघ के अध्यक्ष रामसागर राम ने अपनी मंडली के साथ गोपाल सिंह नेपाली के कई गीत सुनाये.मौके पर साहित्यानुरागी राकेश बिहारी शर्मा,फिल्मकार एसके अमृत, संगीतकार अशोक कुमार, तबला वादक उस्ताद लक्ष्मीचंद्र आर्य, कवीरपंथी रामावतार प्रसाद कुशवाहा, पृथ्वी कुमार, साहित्यप्रेमी कमल प्रसाद, अजय आर्यन,नन्दू कुमार,निशांत कुमार,राहुल कुमार, प्रिया कुमारी, अमृता कुमारी आदि लोग उपस्थित थे.कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन साहित्यानुरागी राकेश बिहारी शर्मा ने किया.


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