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नीतीश के पिछली सरकार के इन 13 मंत्रियों का कट गया पत्ता, जानें क्या है वजह

बिहार में चुनाव 2020 जीत के बाद एनडीए की नई सरकार के गठन के कवायद के बीच इस बार नीतीश सरकार में पिछली सरकार के 13 मंत्री नहीं होंगे। सबसे पहले पिछली सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे सुशील मोदी इस बार बिहार सरकार में शामिल नहीं होंगे। वहीं दो कपिल देव कामत (जदयू) और विनोद कुमार सिंह (भाजपा) दिवंगत हो चुके हैं जबकि शेष दस चुनाव हार गए हैं।

आपको बता दें कि इनमें जदयू के आठ और भाजपा के दो मंत्री शामिल हैं। भाजपा के सुरेश शर्मा और ब्रजकिशोर बिंद वहीं जदयू के कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, जयकुमार सिंह, शैलेश कुमार, लक्ष्मेश्वर राय, संतोष निराला, खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद, रमेश ऋषिदेव, रामसेवक सिंह भी हार गए हैं।

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा के अध्यक्ष को लेकर दोनों दलों में जिच फंस गयी है। संख्या बल के हिसाब से भाजपा ने इस पद के लिए दावा कर दिया है, जबकि जदयू पिछली सरकार की तरह इस पद को अपने पास रखना चाहती है। उसका तर्क यह भी है कि विधान परिषद के कार्यकारी सभापति भाजपा के ही हैं, जबकि उस हाउस में जदयू के भाजपा से अधिक सदस्य हैं।

जानकारी के अनुसार जदयू से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री जबकि बिजेन्द्र प्रसाद यादव मंत्री, वीआईपी से मुकेश सहनी जबकि हम प्रमुख जीतन राम मांझी के पुत्र एमएलसी डॉ. संतोष सुमन मंत्री पद की शपथ लेंगे। वहीं, भाजपा से तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी का शपथ लेना तय माना जा रहा है।