Input your search keywords and press Enter.

मोतिहारी हादसे के दो दिन पहले पर्यटन मंत्री ने बस को दिखायी थी हरी झंडी, परमिट पर मचा बवाल


न्यूज़ डेस्क: मोतिहारी बस हादसे के दो दिन पूर्व यानी 30 अप्रैल की एक तस्वीर ने बिहार सरकार की कथनी और करनी के अंतर को उजागर कर दिया है. इस तस्वीर में बिहार के पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार मुजफ्फरपुर-दिल्ली बस सेवा का उद्घाटन करते हुए नज़र आ रहे हैं. वे हरी झंडी दिखाकर दिल्ली के लिए बस को रवाना कर रहे हैं. ये उसी रूट की बस है, जिसपर बीते दिनों भयंकर हादसा हुआ था और पूरी बस धू-धूकर जल उठी थी.



दरअसल, सवाल ये उठता है कि दो दिन पूर्व एक तरफ पर्यटन मंत्री ने बस सेवा का उद्घाटन किया तो दूसरी तरफ हादसे के बाद सूबे के परिवहन मंत्री संतोष निराला ने मुजफ्फरपुर-दिल्ली रूट की बसों के परमिट पर ही सवाल खड़े कर दिये. परिवहन मंत्री ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि दिल्ली रूट की सभी बसें टूरिस्ट परमिट पर अवैध रूप से चल रही थी. फिलहाल परिवहन मंत्री संतोष निराला के इस बयान ने पर्यटन मंत्री को कटघरे में खड़ा कर दिया है. इधर, परिवहन मंत्री के परमिट संबंधी बयान के बाद सभी बस ऑपरेटर्स भूमिगत हो गये हैं.

Loading...


Widget not in any sidebars

मुजफ्फरपुर-दिल्ली बस सेवा का उद्घाटन करते वक्त मंत्री के पीछे चस्पा पोस्टर पर साफ लिखा है कि “हमें यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि जय गुरुदेव ट्रेवल्स द्वारा मुजफ्फरपुर से दिल्ली के लिए नियमित बस सेवा शुरू हो रही है और सम्मानित पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे”.

फिलहाल इस खुलासे के बाद बिहार के पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि “मैं स्वीकार करता हूं कि मैंने बस को हरी झंडी दिखायी और दिल्ली के लिए रवाना किया. यह पर्यटक बस नहीं था. मैंने कुछ भी ग़लत नहीं किया है. ऑपरेटर ने मुझे बताया था कि उन्हें बस चलाने की परमिट थी”.

हालांकि जब पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार से सूबे के परिवहन मंत्री संतोष निराला के बयान के बारे में पूछा गया कि राज्य सरकार ने दिल्ली के लिए कोई बस परमिट जारी नहीं किया है तो उन्होंने कहा कि बस के उद्घाटन के वक्त बस मालिक ने उन्हें बताया था कि उन्होंने अलग-अलग बिहार, यूपी और दिल्ली का बस परमिट हासिल किया है.

फिलहाल दोनों मंत्रियों के विरोधाभासी बयानों ने राज्य सरकार के लिए एक नयी मुसीबत खड़ी कर दी है. दोनों मंत्रियों के बयानों से ये समझा जा सकता है कि कहीं-न-कहीं झोल है.



Widget not in any sidebars

Leave a Reply

Your email address will not be published.