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चाचा पारस ने कहा- पांच पांडव हैं हमारे 5 सांसद, चिराग करें ‘आशीर्वाद यात्रा’ में तन-मन-धन से साथ हूं

पारस ने कहा कि ‘चिराग़ पासवान मेरा बेटा है, भतीजा है मुझे उससे कोई तकलीफ नहीं है, लेकिन वह मुझ से मिलना ही नहीं चाहते थे। मेरे घर आने का नाटक राजनीतिक फायदा लेने के लिए किया गया है। मैं चिराग की आशीर्वाद-यात्रा में तन-मन-धन से साथ हूं। वह इसे महाभारत की लड़ाई कहता है, तो हम 5 सांसद पूरे पांच पांडव हैं।

चिराग को अलग करना इसलिए जरूरी था, क्योंकि पार्टी का ग्राफ खत्म हो रहा था।’  यह बहुत खुशी की बात है कि बड़े साहब के जन्मदिन पर आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं, वो भी हाजीपुर से। यदि उसमें मेरा कोई सहयोग लेना चाहते हैं तो मैं तन-मन-धन से तैयार हूं। मैं भी 5 जुलाई को अलग से कार्यक्रम करूंगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव हुआ था तो मैं ही चिराग के नाम का प्रस्तावक था। आज पार्टी में डेमोक्रेसी खत्म हो गई है। हमने 2014 और 2019 में NDA के गठबंधन में चुनाव लड़ा था और 6 सांसद जीत कर आए थे। उनमें से पांच की राय यही थी कि बिहार का चुनाव NDA गठबंधन में ही हो, लेकिन एक बनारसी लड़के सौरभ पांडे ने पार्टी और विचारधारा में सेंध लगा दी।

उसी के कहने से चिराग ने अकेले ही बिहार में चुनाव लड़ने का फैसला लिया। इस चुनाव में नीतीश कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार व उन्हें जेल भेजने के नारे लगाए। दूसरी तरफ चिराग बोलते रहे हैं कि हम भाजपा के हनुमान हैं, अगर ये हनुमान थे तो क्यों विपक्ष को जिताने के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवार मैदान में उतारे? ये सब हमारे बिना पूछे ही किया और ऐसा करने से पार्टी का ग्राफ खत्म हो गया।