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बिहार बोर्ड पर लगा 5 लाख रुपए का जुर्माना

पटना हाईकोर्ट ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के कुकर्म को देखते हुए पांच लाख का आर्थिक दंड लगाया है. हमेशा से ही छात्रों को कम अंक देने के लिए मशहूर बिहार्ड बोर्ड ने इस बार सिर्फ एक अंक कम दिया था जिसके लिए उसे पांच लाख भरने पड़ेंगे. जी हां, मैट्रिक 2017 की परीक्षा के मूल्यांकन और परीक्षा परिणाम घोषित करने में बरती गई लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उस पर कोर्ट ने 5 लाख रुपए का आर्थिक दंड लगाया है.

न्यायाधीश चक्रधारी शरण सिंह की एकल पीठ ने 2017 की मैट्रिक परीक्षा की सेकंड टॉपर भव्या कुमारी की ओर से दायर रिट याचिका पर बुधवार को यह फैसला सुनाया.

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कोर्ट ने परीक्षा समिति को कहा कि वह दो सप्ताह के भीतर भव्या के परीक्षा परिणाम को संशोधित कर प्रकाशित करे. कोर्ट ने कहा कि जुर्माने की यह राशि सिमुलतला स्थित आवासीय विद्यालय (जमुई) के प्राचार्य को दी जाए. प्राचार्य इस राशि का उपयोग विद्यालय के विकास के लिए करेंगे.

याचिका में भव्या ने कहा था कि हिंदी में उसे कम अंक दिए गए हैं. इस कारण वह परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त नहीं कर पायी. कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जहां बोर्ड पर आर्थिक दंड लगाया, वहीं भव्या के रिजल्ट को संशोधित करने का भी निर्देश दिया. परीक्षा समिति द्वारा रिजल्ट संशोधित करने के बाद भव्या, 2017 की मैट्रिक परीक्षा की संयुक्त टॉपर हो जाएगी.

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