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कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस को लगा तगड़ा झटका

न्यूज़ डेस्क: प्रोटेम स्पीकर के तौर पर केजी बोपैया की नियुक्ति को चुनौती देने वाली जेडीएस-कांग्रेस की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि बोपैया का पक्ष सुने बिना कोर्ट उन्हें हटा नहीं सकता है. कोर्ट ने कहा कि फ्लोर टेस्ट के लिए बोपैया प्रोटेम स्पीकर बने रहेंगे. अब आज संसद में बीजेपी को फ्लोर टेस्ट देना होगा और संसद में अपना बहुमत साबित करना होगा अब इसको लेकर दोनों पार्टी अपने विधायक बचाने में लगे हुए है.

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सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस-जेडीएस की तरफ से पेश हुए कपिल सिब्बल ने प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति को व्यवस्था के खिलाफ बताते हुए कहा कि सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य की नियुक्ति प्रोटेम स्पीकर के तौर पर होनी चाहिए. इस परजस्टिस एसए बोबड़े ने कहा कि कई ऐसे मौके भी आए हैं जब सदन के सबसे सीनियर सदस्य को प्रोटेम स्पीकर नहीं बनाया गया है.

बीजेपी की तरफ से पेश हुए मुकुल रोहतगी ने जस्टिस बोबड़े की बात का समर्थन किया और कहा कि सिब्बल खुद एक ऐसे सदस्य को प्रोटेम स्पीकर बनाने को लेकर दलील दे चुके हैं जो सदन में काफी जूनियर थे.

सिब्बल को सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘हम बोपैया का पक्ष सुने बिना उनके खिलाफ फैसला नहीं दे सकते हैं. आप दो अलग-अलग बातें कर रहे हैं. एक तरफ आप प्रोटेम स्पीकर का विरोध कर रहे हैं और दूसरी तरफ उन्हें जवाब देने का वक्त भी नहीं देना चाहते. हम आपकी बात सुन सकते हैं लेकिन इसके लिए फ्लोर टेस्ट को पोस्टपोन करना होगा.


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