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जयपुर में चौंकाने वाले आंकड़े नाइट कर्फ्यू के बाद बढ़े 29% कोरोना केस, सिर्फ कागजों में सख्ती; न भीड़ पर रोक, न रात में घूमने पर

प्रदेश में ठंड के अहसास के साथ जहां कोरोना का कहर जारी है. वहीं कोरोना के बढ़ते आंकड़े के बीच अब थोडी राहत मिली है. लेकिन राजधानी जयपुर की बात करें, तो अभी भी कोरोना संक्रमितों की आंकड़े यहां चौंका रहे हैं. ताजा स्थिति को देखें, तो जहां प्रदेश में पिछले सप्ताह से लगातार आ रहे तीन हजार से ज्यादा संक्रमितों की संख्या अब घटकर 2500 के आसपास आ गई है. वहीं सोमवार को जयपुर में 700 से ज्यादा कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है. यानी जयपुर में कोरोना का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. ऐसे में सावधान रहने की जरूरत है. आपको बता दें कि अब कोरोना से मरने वालों की संख्या में भी इजाफा देखने को मिल रहा है.
जयपुर में नवंबर के दूसरे हफ्ते से अचानक कोरोना पॉजिटिव केसों का ग्राफ बढ़ने लगा. 11 नवंबर से रोजाना 450 से ज्यादा केस आने शुरू हो गए. दिन प्रतिदिन यह आंकड़ा बढ़ता गया और 16 नवंबर को 538 पॉजिटिव केसों ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। ऐसे में प्रदेश सरकार ने 20 नवंबर को जयपुर सहित आठ जिलों में नाइट कर्फ्यू लगाने का आदेश जारी कर दिया.
अगले दिन से ही कर्फ्यू रात 8 बजे से शुरू होना था, लेकिन शाम 7 बजे से ही दुकानें बंद करने के आदेश भी जारी कर दिए गए. लगातार जारी हो रहे ऑर्डर में कोरोना केसों पर कंट्रोल के लिए नाइट कर्फ्यू लगाने और इसके पालन के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को फ्री हैंड भी दे दिया। इसके बावजूद जयपुर में कोरोना केसों में कमी नहीं आई. नाइट कर्फ्यू लगाने के 10 दिन पहले और इसके बाद के 10 दिनों में आए कोरोना पॉजिटिव केसों के आंकड़े जुटाए गए तो पता चला कि नाइट कर्फ्यू लगाए जाने के बाद 10 दिनों में कोरोना पाॅजीटिव केस कम होने की बजाय 29% बढ़ गए.