Input your search keywords and press Enter.

अपने वर्चस्व को बचाने में जुटी कांग्रेस, वरिष्ठ नेताओं ने युवा पीढ़ी को दी यह सलाह

कांग्रेस में युवा और वरिष्ठ नेताओं के बीच विरोध बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसी बीच वरिष्ठ नेताओं ने शनिवार को युवाओं को सलाह दी कि अपनी खुद की विरासत का अपमान नहीं करें और ऐसा करके वे केवल जनता की नजरों में पार्टी को कमजोर करने की भाजपा की सोच को ही बढ़ावा देंगे।

कई पूर्व केंद्रीय मंत्रियों ने पार्टी नेताओं को आगाह करके कहा कि अगर इसी तरह रहा तो कांग्रेस दो टुकड़ों में विभाजित हो जाएगी। ‌उन्होंने यह भी कहा कि हमें अतीत की अपनी पराजयों से सीख लेनी चाहिए और शत्रुओं के मनमाफिक चलने की वजह अपनी पार्टी में एकजुटता बनाए रखनी चाहिए।

इससे पहले हुई बैठक में पार्टी के युवा नेता राजीव ने सप्रंग के कामकाज पर कई सवाल उठाए थे। राज्यसभा बैठक में कांग्रेस के उपनेता शर्मा ने कहा, ‘कांग्रेस नेताओं को संप्रग की विरासत पर गर्व होना चाहिए। कोई पार्टी अपनी ही विरासत को अपमानित नहीं करती। भाजपा से परोपकार की या हमें श्रेय देने की उम्मीद नहीं की जा सकती, लेकिन हमारे अपने लोगों को सम्मान देना चाहिए।’

वहीं एक अन्य नेता ने कहा कि यह काफी दुखद है कि कांग्रेस के ही कुछ तत्व जाने अनजाने जनता की नजरों में पार्टी के गतिरोध में उलझा दिखाने की भाजपा को सोच को बढ़ावा देते नजर आ रहे है, जबकि कांग्रेस को प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के विरुद्ध एकजुटता दिखानी चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने ट्विटर पर लिखा, ‘भाजपा 2004 से 2014 तक 10 साल सत्ता से बाहर रही। लेकिन उन्होंने उस समय की हालत के लिए कभी अटल बिहारी वाजपेयी या उनकी सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया।’

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस में दुर्भाग्य से कुछ दिग्भ्रमित लोग राजग और भाजपा से लड़ने के बजाय डॉ मनमोहन सिंह नीत संप्रग सरकार पर छींटाकशी कर रहे हैं। जब एकता की जरूरत है, वे विभाजन कर रहे हैं।’ यह बात काफी ज्यादा आगे बढ़ गई जब तिवारी के जवाब में कांग्रेस के पूर्व सांसद मिलिंद देवड़ा ने कहा, ‘बहुत सही कहा, मनीष। 2014 में पद छोड़ते समय डॉ मनमोहन सिंह ने कहा था, इतिहास मेरे प्रति उदार रहेगा।’