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जादव के लिए ऑर्डिनेंस लाना पड़ा – पाकिस्तान

भारतीय नेवी के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव का अपहरण करके मौत की सजा सुनाने वाले पाकिस्तान ने यह माना है कि उसे भारत के दबाव में जादव के लिए ऑर्डिनेंस लाना पड़ा है यदि वह ऐसा नहीं करता तो भारत यूएन जाकर पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगवा सकता था। शुक्रवार को संसद में मंत्री फारोग नसीम ने यह कहा कि जाधव की सजा माफ नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि, अध्यादेश के जरिए पाकिस्तान ने ICJ के आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की है। जाधव को ना तो कोर्ट में अपील करने दिया गया ना ही निर्बाध रूप से राजनयिक पहुंच दी गई।

पाकिस्तानी अखबार डॉन की खबर के मुताबिक, नसीब ने बताया है कि ज्यादा को लेकर इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के आदेश को पूरा करने के लिए ऑर्डिनेंस लाना पड़ा ताकि भारत को पाकिस्तान के खिलाफ UNSC में जाने से रोका जा सके। नसीब ने बताया ‘यदि हम ऐसा नहीं करते तो भारत ने पहले ही तैयारी कर ली थी। भारत चाहता था कि पाकिस्तान ICJ के आदेश को ना माने ताकि वह UNSC में पाकिस्तान को एक ‘रोग स्टेट’ घोषित करने और प्रतिबंध लगाने के लिए सभी तरह के प्रस्ताव ला सके।”

वहीं पाकिस्तान के सांसद में कानून मंत्री ने कहा,
”एक राष्ट्र के तौर पर हमें ICJ के आदेश को मानना है। यदि हम इस ऑर्डिनेंस को नहीं लाते तो भारत UNSC के आर्टिकल 94 और ICJ के आर्टिकल 60 का इस्तेमाल कर सकता था। यह ऑर्डिनेंस लाकर हमने भारत के हाथ काट दिए। पाकिस्तान ने जिम्मेदारी के साथ यह किया है। ICJ के आदेश की एक कॉपी हाथ में पकड़े नसीम ने कहा कि कोर्ट ने फैसला किया था कि पाकिस्तान को जाधव को काउंसलर एक्सेस देना होगा केस पर दोबारा विचार करना होगा। उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज किया कि यह ऑर्डिनेंस जाधव की सजा को माफ करने के लिए लाया गया है।