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राहत की खबर: भारत में दिसम्बर के अंत में उपलब्ध हो जाएगा कोरोना वैक्सीन!

कोरोना से निपटने के उपायों के सन्दर्भ में अच्छी खबर आ रही है। उम्मीद है कि देश में एन्टी कोरोना वैक्सीन दिसम्बर के अंत या जनवरी में मिलने लगेगी। इस आशय की जानकारी देते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि देश में एन्टी कोरोना वैक्सीन को इमरजेंसी में उपयोग के लिए स्वीकृति मिल जाएगी। इसके पश्चात बिना विलम्ब देश में टीकाकरण चालू हो जाएगा। भारत के पास दो-तीन टीके के विकल्प है, जिसकी वजह से इसकी उपलब्धता पर्याप्त होगी।

एम्स निदेशक ने कहा कि 50 से 60 फीसद आबादी का टीकाकरण करने के बाद कोरोना वायरस की चेन टूट सकती है। एक तरह से हर्ड इम्यूनिटी बन जाएगी, जिसके बाद टीके की जरूरत ही नहीं होगी। उन्होंने बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक के टीके का तीसरे चरण में ट्रायल चल रहा है। इस महीने के अंत तक ये उपलब्ध हो जाने चाहिए और नए साल की शुरुआत में इसके आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल जानी चाहिए।

देश में रूस में निर्मित टीके का भी ट्रायल चल रहा है। फरवरी तक उसे भी मंजूरी मिल सकती है, जिससे हमारे पास ज्यादा विकल्प और ज्यादा खुराक उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इसके वितरण की चेन तैयार करनी होगी, ताकि हर शहर व गांव तक टीका पहुंचाया जा सके। टीकाकरण के प्रशिक्षण पर काम चल रहा है। जिन लोगों को टीका सबसे पहले लगाया जाएगा, उसके लिए राज्य के साथ मिलकर सूची तैयार की जा रही है। पहली खुराक के बाद दूसरी खुराक तीन हफ्ते बाद दी जाएगी, उसके लिए भी तैयारी की जा रही है, ताकि दूसरी खुराक न छूटे।

डॉ. गुलेरिया ने बताया कि टीकाकरण के दो मकसद हैं। पहला इसकी वजह से हो रहीं मौत रोकी जाएं। जो लोग गंभीर जोखिम के दायरे में आते हैं उन्हें टीका देकर सुरक्षित किया जाए। दूसरा मकसद इस वायरस के संक्रमण की चेन को तोडऩा है।