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कठुआ रेप केस: बच्ची की पहचान बताने वाले मीडिया पर लगा दस-दस लाख का जुर्माना

न्यूज़ डेस्क: बहुचर्चित कठुआ रेप केस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सरे मीडिया हाउस जिसने भी बच्ची की पहचान बताई है उसपर 10 लाख का जुरमाना लगाया है. अदालत ने प्रत्येक मीडिया घराने को जम्मू-कश्मीर पीड़ित मुआवजा कोष में 10-10 लाख रुपए देने का निर्देश दिया है.

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मीडिया घरानों की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि पीड़िता की पहचान जाहिर करने की गलती कानून की जानकारी नहीं होने और इस गलतफहमी के कारण हुई कि चूंकि पीड़िता की मौत हो चुकी है ऐसे में उसका नाम लिया जा सकता है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने निर्देश दिया कि मुआवजा राशि उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के पास हफ्ते भर के भीतर जमा की जाए और राशि जम्मू-कश्मीर विधिक सेवा प्राधिकरण के खाते में भेजी जाए जिसे राज्य की पीड़ित मुआवजा योजना के लिए इस्तेमाल में लाया जाए.

यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण कानून की धारा 23 मीडिया के लिए यौन अपराधों के पीड़ित बच्चों से संबंधित मामलों की रिपोर्ट को लेकर नियम कायदों से संबंधित है. आईपीसी की धारा 228 ए ऐसे अपराधों में पीड़ितों की पहचान जाहिर करने से संबंधित है.

आईपीसी के तहत उसकी पहचान जाहिर करने वाले 12 मीडिया घरानों को 13 अप्रैल को नोटिस जारी किए थे. इन 12 मीडिया घरानों में से नौ के वकील आज अदालत में मौजूद थे.


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