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भारतीय सेना ने अपने सेना कर्मियों से सूचनाओं को लीक होने से रोकने के लिए कई ऐप्स हटाने के दिए निर्देश

भारतीय सेना ने अपने सेना कर्मियों से सूचनाओं को लीक होने से रोकने के लिए कई ऐप्स हटाने के लिए कहा है। भारतीय सेना ने अपने स्मार्टफोन से फेसबुक, टिक-टॉक, टरु कॉलर और इंस्टाग्राम सहित 89 ऐप्सस हटाने के लिए कहा। सेना के जवानों के लिए हाल ही में जारी किए गए दिशा-निर्देशों में डेली हंट न्यूज़ ऐप के साथ टिंडर , काउच सर्फिंग जैसे डेटिंग ऐप्स और गेम्स में पब्जी को हटाने की मांग शामिल है।

हाल ही में भारत सरकार ने 59‌ चीनी ऐप्स को प्रतिबंधित किया है। इन ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर और एप्पल स्टोर से भी हटा दिया गया है। भारत ने टिकटॉक, यूसी ब्राउजर, शेयरइट और वीचैट सहित 59 ऐप पर प्रतिबंध लगाया है। सरकार का कहना है कि ये ऐप देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए पूर्वाग्रह से ग्रस्त थे।

वहीं दूसरी तरफ चीन के हैकर्स ने भारत को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।1 से 10 जून के बीच 10 करोड़ भारतीयों को ईमेल और 24 करोड़ लोगों को मोबाइल पर सैकड़ों मैसेज भेजे गए हैं। हैकर्स का मकसद इन फेक संदेशों के जरिए कंप्यूटर और मोबाइल में हमारे डेटा को क्षति पहुंचाना तथा नेट बैंकिंग में सेंधमारी करने का है। इस तरह की प्रक्रिया अभी भी जारी है।साइबर विशेषज्ञों के अनुसार भारतीयों के ईमेल व मोबाइल नंबर हैकर्स चीन के विभिन्न ऐप के जरिए जुटाए हैं। मध्य प्रदेश पुलिस को साइबर ठगी की जांच में सहयोग करने वाले साइबर विशेषज्ञ व इथिकल हैकर मानस शुक्ला ने बताया कि बड़ी संख्या में मैसेज कोविड-19 से जुड़े भेजे गए। इनकी लिंक पर क्लिक करते ही तमाम लोगों का कंप्यूटर रिकॉर्ड गायब हो गया। झांसा देने के लिए इनाम जीतने और लॉटरी निकलने के मैसेज व ईमेल भी भेजे गए।

गूगल साइबर अटैक की जानकारी 10 जून को एक रिपोर्ट में बताई थी लेकिन इस रिपोर्ट में चीन का नाम नहीं लिया था और यह बताया गया था विदेशी थ्रेट मैसेज भारत को भेजे जा रहे हैं। गूगल की रिपोर्ट आने के बाद 19 जून को इंडियन कंप्यूटर एमरजैंसी ने कोविड-19 से जुड़े हमले के बारे में अपनी वेबसाइट पर अलर्ट जारी कर दिया था।