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गोरा बनाने वाली क्रीम को लेकर सरकार ने उठाया ये सख्त कदम….

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हम भारतियों में गोरा रंग पाने की चाहत कुछ ज्यादा ही है, क्योंकि यहां गोरा रंग आपको सम्मान का पात्र बना देता है और आप आप लोगों के बीच लोकप्रिय बन जातें है. ऐसे ही कारणों के चलते यहाँ सभी लोग चाहतें हैं की उनकी त्वचा का रंग गोरा हो. यदि इश्वर ने उन्हे ये रंग नहीं दिया है तो बाज़ार में गोरा बनाने वाली उपलब्ध क्रीम का इस्तेमाल कर इस रंगत को पाने की कोशिश करते हैं. यही सब कारण है की बाज़ार में ऐसी क्रीम धडल्ले से बिक रही हैं . और हम सब खरीद भी रहें बिना उसका नुकसान जाने.

लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि अब सौंदर्य प्रसाधन के लिए इस्तेमाल होने वाली गोरा बनाने का दावा करने वाली क्रीम के लिए भी डॉक्टरों की पर्ची लगेगी. हाल ही में सरकार ने स्टेरॉयड मिक्स क्रीम को ‘ओवर द काउंटर’ की सेलिंग लिस्ट से हटाकर इसे शेड्यूल-एच में शामिल किया है. इसके तहत अब ऐसी क्रीम लेने के लिए डॉक्टर की सहमति लेना जरूरी है. स्टेरॉयड मिक्स क्रीम को बगैर डॉक्टरी सलाह बेचने वालों पर फूड ऐंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) का डंडा चलेगा.

नए नियम के अनुसार, डेसोनाइड,बेक्लोमेथासोन सहित इस तरह की 14 चीजों का जिन क्रीम में इस्तेमाल होगा, उसके लिए डॉक्टरी सलाह जरूरी है. इस बारे में जॉइंट कमीश्नमर (ड्रग) एफडीए अर्जुन खडतरे ने बताया, ‘ड्रग ऐंड कॉस्मेटिक ऐक्ट में संशोधन करके स्टेरॉयड युक्त क्रीम को अब शेड्यूल एच में डाल दिया गया है. इस तरह की क्रीम को खरीदने के लिए अब डॉक्टरों की सलाह जरूरी होगी.’

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सरकार के फैसले का जहां डॉक्टरों ने स्वागत किया है, वहीं कुछ लोगों का मानना है कि इससे डॉक्टरों की कमाई बढ़ेगी. क्रीम लेने के लिए भी डॉक्टर को फीस देनी होगी. हालांकि, डॉक्टरों ने बताया कि बिना रोक-टोक स्टेरॉयड क्रीम के इस्तेमाल से लोगों में त्वचा की समस्याएं बढ़ती हैं, जिसका इलाज काफी महंगा होता है. अब कम से कम वह कम हो जाएगा.

सरकार के इस फैसले का डॉक्टरों ने स्वागत किया है। डॉक्टरों ने बताया कि स्टेरॉयड से कई तरह की त्वचा संबंधित समस्याएं होती है. इसके प्रति लोगों में जागरूकता की कमी के चलते अक्सर लोगों को इसके दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी ही नहीं मिलती. गोरा करने के नाम पर क्रीम कंपनियों द्वारा धड़ल्ले से स्टेरॉयड का इस्तेमाल किया जाता है. एफडीए से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि राज्य में अब बगैर डॉक्टरी सलाह स्टेरॉयड मिक्स क्रीम बेचना ड्रग ऐंड कॉस्मेटिक ऐक्ट के तहत अपराध माना जाएगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी

क्रीम में इस्तेमाल होने वाले स्टेरॉयड को लेकर त्वचा रोग विशेषज्ञ साल 2015 से लड़ाई लड़ रहे थे. इंडियन असोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट वेनरोलॉजिस्ट ऐंड लेप्रोलॉजिस्ट से जुड़े एक सदस्य ने बताया कि देरी से ही सही, मगर सरकार ने अच्छा फैसला लिया है। स्टेरॉयड युक्त क्रीम के इस्तेमाल से चेहरे की त्वचा काफी पतली हो जाती है. साथ ही खून की नलियां भी सूख जाती हैं। इसके अलावा बाल झड़ने के अलावा कई तरह की समस्याएं होती हैं.

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