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पूर्वी चंपारण जिले में पुरनछपरा समेत बनेंगे 13 नये प्रखंड, सरकार ने मांगी रिपोर्ट

cm nitish kumar
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मोतिहारी.मधुरेश; चंपारण में नये प्रखंडों के निर्माण को लेकर संघर्ष करने वाले विभिन्न जन संगठनों समेत प्रस्तावित प्रखंडों में शामिल होने वाले पंचायतों की जनता के लिए खुशखबरी है. जनसंख्या की दृष्टि से पटना के बाद सूबे में दूसरे स्थान पर आने वाले पूर्वी चंपारण जिले में 13 नये प्रखंड बनेंगे।जिले में पहले से 27 प्रखंड हैं. अगर 13 प्रखंडों की स्वीकृति मिल जाती है, तो जिले में प्रखंडों की कुल संख्या 40 हो जायेगी. डीएम रमण कुमार ने ग्रामीण विकास विभाग के निर्देश के आलोक में जिले के सभी संबंधित एसडीओ व बीडीओ से विभागीय पत्रांक 606 दिनांक 30 नवंबर 2017 के आलोक में शीघ्र रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है. जारी निर्देश में प्रखंडों का नजरी नक्शा दर्शाते हुए 16 बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब किया गया है. इसमें पंचायत की आबादी, प्रस्तावित प्रखंड में जोड़ने के लिए चिन्हित पंचायतों की दूरी, किस नये प्रखंड में किस पुराने प्रखंड के पंचायत को जोड़ा जा रहा है, इसका भी उल्लेख करना है. सरकार की मंशा है कि अपने कार्यो के लिए लोगों को घर से ज्यादा दूर न जाना पड़े और विकास की मॉनीटरिंग करने के लिए अधिकारी की संख्या भी कम न रहे. इसको लेकर छोटे स्तर पर प्रखंडों के निर्माण की प्रक्रिया आरंभ की गयी है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित प्रखंडों के लिए पंचायत समिति से अनुमोदन कराना अनिवार्य होगा.

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प्रस्तावित प्रखंडों में सिकरहना अनुमंडल से कुंडवाचैनपुर, पचपकड़ी, शिकारगंज,  रक्सौल अनुमंडल से नरकटिया, पलनवा, सदर अनुमंडल से लखौरा, रघुनाथपुर, चकिया अनुमंडल से पीपरा, खजुरिया, पुरनछपरा, अरेराज अनुमंडल से मलाही, गायघाट, पकड़ीदयाल अनुमंडल से राजेपुर को प्रखंड बनाने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है. इसमें शिकारगंज का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है. अन्य प्रखंडों का प्रस्ताव आते ही स्वीकृति के लिए सरकार को भेजा जायेगा. सरकार द्वारा नये प्रखंडों के गठन के लिए प्रस्ताव मांगे जाने के बाद जिले के सुदूरवर्ती देहाती क्षेत्र के लोगों में एकबारगी खुशी की लहर दौड़ गयी है. पुरनछपरा प्रखंड निर्माण संघर्ष समिति ने सरकार की कार्रवाई का स्वागत किया है. एक बयान जारी कर संघर्ष समिति के नेता रामेश्वर चौधरी, ओमप्रकाश गिरि, केशव केसरी, ओमप्रकाश कुमार, रामप्रवेश सिंह, नवलकिशोर सिंह, मुखिया तेजनारायण सिंह, पूर्व मुखिया श्यामाकांत दूबे, जय राम एवं माधवेंद्र किशोर कैप्टन इत्यादि ने कहा कि पुरनछपरा के प्रखंड बन जाने से विकास की किरणे उन सभी गांवों तक पहुंचेगी जहां आजादी के बाद से विकास न के बराबर हुआ है.

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