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एक टीचर जिनके जैसा कोई और नहीं| पढ़े आनंद कुमार के जीवन के बारे में

anand kumar super 30

उनका जन्म पटना, बिहार में हुआ| उनके पिता पोस्ट ऑफिस में जॉब करते थे और उनके पास इतने पैसे नहीं थे की वो प्राइवेट स्कूलिंग अपने बच्चो को दे सके|

आनंद की पढाई हिंदी भाषा के स्कूल में हुई| उन्को मैथमेटिक्स में काफी रूचि थी और स्नातक के दौरान वो नंबर थ्योरी पर पेपर लिखते थे| उनका दाखीला कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में भी हुआ था और पैसे की कमी और पिता के मिर्तू के कारन उन्होंने वहाँ दाखिला नहीं लिया| उस समय उन्होंने अपने परिवार को सपोर्ट करने के लिए ट्यूशन देना शुरू किया|

हर सनिवार और रविवार वो वाराणसी जाते थे, अपने भाई के घर ठहरते थे ताकि वो मैथमेटिक्स पर विदेशी किताबे पढ़ सके|
1992 में उन्होंने अपनी एक मैथमेटिक्स की स्कूल खोल ली और वह गरीब बच्चो को पढ़ने लगे| 2002 में एक कोचिंग शुरू किया जिसका नाम आज देश का बच्चा बच्चा जनता है, सुपर 30 के नाम से| सुपर 30 कोचिंग में IIT-JEE की पढाई होती है. उनका लक्ष्य था की इस कोचिंग के माध्यम से देश के 30 स्टूडेंट्स जो आर्थिक रूप से काफी कमजोर है उनको देश की सबसे बड़ी संस्था IIT में दाखिला दिलाया जाये. अबतक २००३ से ३०८ स्टूडेंट्स ३६० में से IIT निकाल चुके है|

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आज IIT की तैयारी कराने के लिए कोचिंग इंस्टिट्यूट 1 और 2 लाख लेते है वही आनंद कुमार एक रुपया भी नहीं लेते है| बहुत लोगो आगे आए पैसे से मदद करने के लिए लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया और खुद ही सारा फण्ड करते है और इवनिंग में बच्चो का क्लास लेते है|
डिस्कवरी चैनल ने भी उनको दिखाया है इसके अलावा वो new york times ने भी उनके बारे में लिखा है| उन्होंने ने IIT, IIMs, और Standford, MIT, Harvard में अपना लेक्चर दिया है| एक यूरोपियन मैगज़ीन Focus के अनुसार वो उन ग्लोबल पेर्सोनालिटी में से एक है जो साधारण आदमी को भी एक्सेप्शनल बना देता है|

Time मैगज़ीन ने “Super 30” कोचिंग को 2010 Asia का सबसे अच्छा स्कूल बताया|

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