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स्वच्छता फिल्म को बिहार सरकार से मिली बेस्ट अवार्ड फोटो

लखीसराय से एस.के.गांधी; जिले के कई कलाकार फ़िल्मी दुनिया में लखीसराय जिले का नाम अपने राज्य सहित वाॅलीवुड की दुनिया में नाम रौशन कर रहे हैं. उनमें से एक नाम है फ़िल्म निर्देशक सागर सिन्हा. जिले के कजरा गांव के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्में सागर सिन्हा फ़िल्म निर्देशन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर लखीसराय जिले का नाम रौशन कर रहे हैं. हाल ही में स्वच्छता विषय पर उनके द्वारा निर्देशित हिंदी लघु फ़िल्म “स्वच्छता” को बिहार सरकार ने प्रथम पुरूस्कार से नवाजा है. इस फ़िल्म को बिहार सरकार की ओर से बेस्ट अवार्ड भी दिया गया है.

जिसे जनवरी माह में ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सम्मानित करेंगे. इसके बाद सागर सिन्हा की चर्चा बेहद सुर्खियों में है. सागर सिन्हा ने बहुत कम समय में मुम्बई फिल्म जगत तक का सफ़र तय कर लिया. उनके द्वारा निर्देशित भोजपुरी फ़िल्म “चोर नंबर वन” भी काफी चर्चा में रही. सागर सिन्हा को फिल्मों में निर्देशन का शौक शुरू से ही रहा है। उन्होंने अपने जिले में ही सबसे पहले कार्य करना शुरू किया. कई बार उन्हें अपने जिले से दूर मुम्बई और अन्य राज्यों से काम करने का ऑफर भी मिला, पर वे अपने मिट्टी और गांव से जुड़े रह कर ही काम करना चाहते थे. तभी उन्हें पता चला की उनके जिले से मात्र 35 किलोमीटर दूर बेगूसराय में फ़िल्म मेकिंग उद्योग धीरे धीरे फ़ैल रहा है. उन्होंने बेगूसराय में आकर फ़िल्म मेकिंग का प्रोडक्शन हाउस शुरू किया.

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शुरआती संघर्ष के बाद अब उन्हें फ़िल्म निर्देशक के रूप में पहचान मिलने लगी है. लघु फ़िल्म “स्वच्छता” ने इन्हें राज्य स्तरीय पहचान दिलाया तो “चोर नंबर वन” फ़िल्म ने इन्हें मुम्बई फिल्म जगत में पैर जमाने में मददगार साबित हुई. अब ये अपने जिले से लेकर राज्य और मुम्बई तक पहचाने जाने लगे हैं. सागर सिन्हा ने सिर्फ निर्देशन में ही अपनी पहचान नहीं बनायीं बल्कि फ़िल्म के एडिटिंग और परिकल्पना में भी अपनी एक अलग पहचान बना चुके है. बिहार सरकार के शराबबंदी कार्यक्रम पर आधारित बनी फ़िल्म “शराबी दूल्हा” में इनकी एडिटिंग ने भी एक विशेष छाप छोड़ी. इस फ़िल्म में वीएफएक्स का कार्य देख कई फ़िल्म प्रोड्यूसर और निर्देशक के साथ-साथ फ़िल्म एडिटर भी आश्चर्य में रहे.

बता दे की फिल्मो में वीएफएक्स काम के लिए मुम्बई जाना जाता है, लेकिन इस कार्य को बेगूसराय जैसे छोटे शहर में रह कर इन्होंने बखूबी कर दिखाया. आज इनकी इन खूबियों की वजह से ही इन्हें कई फ़िल्मों का काम भी मिल रहा है. हाल ही में इन्होंने सामजिक सदभाव पर आधारित फ़िल्म “लाहौर एक्सप्रेस” का निर्देशन करने का काम अपने हाथ लिया है. इनकी यही खूबी अब इन्हें एक नयी पहचान दे रही है. आने वाले दिनों में एक बेहतर निर्देशक के रूप में इनकी पहचान बिहार सहित अन्य राज्यों में होगी.

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