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भूटान राजपरिवार का निकला बिहार से कनेक्शन, जान कर कोई करेगा गर्व!

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न्यूज़ डेस्क: प्राचीन नालंदा विश्विद्यालय कभी शिक्षा का गढ़ हुआ करता था जहाँ देश विदेश से विद्यार्थी यहां शिक्षा ग्रहण करने आते थे लेकिन बिहार के दौरे पर आया हुआ भूटान का राजपरिवार के साथ कुछ ऐसा हुआ है जिसकी कल्पना को भी नहीं कर सकता है यह कोई हादसे या आश्चर्य से कम नहीं है बोधगया में कालचक्र पूजा में भाग लेने पहुंचा राजपरिवार यहां विश्विद्यालय के अवशेषों को देखने नालंदा पहुंचा है.

नालंदा के इस ऐतिहासिक प्राचीन विश्विद्यालय के विशेष दर्शन करने भूटान की राजमाता दोजी आंग्मो आंग्चुक पहुंची है साथ में उनका पूरा परिवार आया है जिसमे उनका नाती जिग्मी जिग्तेन आंग्चुक भी है. यहाँ पहुचने पर उसके द्वारा किया गया गतिविधि से हर कोई आश्चर्य और हैरान है दरअसल उसका कहना है की वह पिछले जन्म में यहां पर पढाई कर चूका है साथ ही अपने परिवार को सारे अवशेषों और संरचनाओं को पुरी तरीके से समझाया.
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राजपरिवार इस बच्च्चे के इस बात को जानकार हैरान है साथ ही उस बच्चे ने अपने परिवार के लोगों को यह बतलाया की वह किस कमरे में पढाई करता था उस कमरे अवशेष को ढूढ़ कर अपने परिवार को बताया. राजमाता के अनुसार जब उनका नाती एक साल का था जबसे वह एक साल का था तबसे वह इस विश्वविद्यालय का नाम लेता था भूटान में उनका नाती इस खंडर के बारे में पहले ही बताया था वैसा एकसमान यह खंडहर है जिसमे स्तूप सहित कई ऐसी संरचनाएं यहाँ पर है. तीन साल का यह बालक अपनी मां सोनम देझेन आंगचुक के साथ आया है. राजमाता के अनुसार यह बालक यानी उनका नाती पिछले जन्म में विरोचना नामक छात्र जो आठवीं सदी पूर्व बौद्ध काल में इस नालंदा विश्वविद्यालय में अध्ययन करने आये थे उन्होंने उनके घर अवतार लिए हैं. राजमाता के अनुसार यहाँ आकर हम धन्य हो गए यहाँ पर भगवान बुद्ध का जर्रे-जर्रे में उपदेश है साथ ही यह विश्व विरासत का अनोखा स्थल है.

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