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बिहार में एक और अपहरण के बाद युवक की हत्या, नौ लाख की फिरौती मांगी गई थी

police arrested kidnappers

gunned down in muzzafarpur


शेखपुरा (03/6/16) जिले के करन्डे थाना क्षेत्र के लुटाउत गाँव से 29 मई को अजय केवट (28 वर्ष) को अपहरणकर्ताओं ने अपहरण कर लिया था. अपहरण के बाद अपहरण कर्ताओं ने अपहृत युवक को हत्याकर उसके लाश को नवादा जिला के कौवाकोल थाना क्षेत्र के वाजितपुर गाँव के समीप स्थित नदी में गाड़ दिया था.

एसपी राजेन्द्र कुमार भील ने प्रेस कांफ्रेंस कर पत्रकारो को जानकारी देते हुए बताया कि अजय केवट के अपहरण और हत्या के मामले में मोबाइल लोकेशन के आधार पर बेलछी गाँव निवासी वीरेंद्र महतो,लुटाउत गाँव निवासी श्रवण कुमार, कौवाकोल के वाजित पुर गाँव निवासी जितेंद्र प्रसाद,और जमुई जिला के चन्द्रदीप निवासी मो साहेब को गिरफ्तार किया है. इस मामले में जानकारी देते हुए एसपी ने बताया कि मृतक युवक घर से पुरानी मैजिक वाहन खरीदने के लिए देखने जमुई के अलीगंज बाजार निकाला था.
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घर से निकलने के बाद उसके वाइक पर बैठ कर बेलछी गाँव निवासी वीरेंद्र महतो भी गया था. वीरेंद्र ने ही मृतक को पुरानी मैजिक वाहन की जानकारी दी थी. इसके बाद वे वहां से कौवाकोल के वाजितपुर गाँव में रहने वाले जितेंद्र प्रसाद के घर चले गए।जिससे वे पहले से परिचित थे . वहीं लुटाउत गाँव निवासी श्रवण और चन्द्रदीप गाँव का मो साहेब भी मौजूद थे.

इसके बाद चारो मिलकर साथ में मुर्गा खाया और ताड़ी पी. इस समय तक मृतक को भनक तक नही हुई कि उसका अपहरण हुआ है. इसके बाद अजय के गले में गमछा लगाकर उसके गले को दबाकर हत्या कर दी गयी. अब इस लाश को ठिकाने लगाने का काम मो साहेब को दिया गया. साहेब ने लाश को वाजित पुर गाँव स्थित नदी में दफन कर दिया. उसके बाद अजय के बाइक को पुलिस को दिग्भर्मित करने के लिए अपराधियों ने जमुई जिले के जंगल के आसपास फेंक दिया.

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हत्या की घटना के तीन दिन बाद हत्यारों ने मृतक अजय के परिजन से मोबाइल से नौ लाख की फिरौती की मांग की. एसपी ने बताया कि जिस फोन से फिरौती मांगी गयी थी उसके लोकेशन के जरिये अपहर्ताओं तक पहुंच पुलिस पहुंचने में कामयाब हुई. इस मामले में चार लोग गिरफ्तार किये गए. हत्या की गुत्थी सुलझा ली गयी. पुलिस हत्या के कारणों को हर बिंदु से जांच पड़ताल कर रही है. वहीँ परिजनों की माने तो पुलिस को लिखित सुचना दिए जाने के बाद यदि पुलिस सक्रिय होती तो शायद अजय की जान बच जाती. इस मौके पर सदर एसडीपीओ अमित शरण ,इंस्पेक्टर किशोरी महतो, टाउन थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे. ललन कुमार.

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