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संभल जाएँ, अब ‘बिहार पुलिस’ जायेगी हड़ताल पर

bihar police recruitment 2015

POLICE-bihar

पटना.न्यूज़ डेस्क.
बिहारवासियों के अच्छे दिनों पर लगा ग्रहण हटने का नाम नहीं ले रहा है. राज्य में बढ़ते अपराध से जूझ रही जनता के लिए एक और बुरी खबर आ रही है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार अपनी कई लंबित मांगों को लेकर बिहार पुलिस के करीब 65 हजार सिपाही और हवलदार बुधवार की रात से सामूहिक हड़ताल पर जायेंगे. बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन ने राज्य पुलिस मुख्यालय को यह अल्टीमेटम दे दिया है. एसो. के अनुसार 30 अगस्त तक राज्य के 65 हजार सिपाही-हवलदार सामूहिक अवकाश पर रहेंगे और करीब 18 हजार एएसआई और इंस्पेक्टर भी उनके आंदोलन को नैतिक समर्थन देंगे.

एसोसिएशन के महामंत्री नरेन्द्र कुमार धीरज ने बताया कि सभी जिलों के एसपी व कमांडेंट कार्यालय को इसकी सूचना दे दी गई है. उनकी प्रमुख मांग है कि एक माह के अतिरिक्त वेतन के एवज में क्षतिपूर्ति अवकाश को समाप्त नहीं किया जाए. राज्य सरकार उसपर पुनर्विचार करे और अन्य राज्यों की तरह उसे बहाल रखे. उन्होंने कहा कि अभी तक राज्य पुलिस मुख्यालय की ओर से बातचीत की कोई पहल नहीं की गई है और ऐसी स्थिति में उनका आंदोलन तय है.

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सामूहिक अवकाश पर जाने के पहले राज्य के सभी सिपाही व हवलदार अपने हथियार व गोलियां जिला मुख्यालय व कमांडेंट ऑफिस में जमा कराएंगे. अगर उसे लेने से इनकार किया जाएगा तो पुलिसकर्मी ही उसकी निगरानी करेंगे लेकिन आंदोलन जारी रहेगा. एसोसिएशन ने कहा है कि सामूहिक अवकाश के दौरान राज्यपाल, मुख्यमंत्री और न्यायाधीशों सहित सभी पदाधिकारियों की सुरक्षा में तैनात सभी बॉडीगार्ड व सुरक्षाकर्मी भी वापस होंगे.

पुलिसकर्मियों की प्रमुख मांगों में निम्न शामिल हैं-
एक माह के अतिरिक्त वेतन के एवज में क्षतिपूर्ति अवकाश समाप्त करने के मुद्दे पर पुनर्विचार हो.
उतक्रमित ग्रेड पे का नोशनल लाभ अन्य राज्यकर्मियों की तरह 1 जनवरी 2006 से एवं वास्तविक लाभ 1 जनवरी 2009 से मिले.
वर्दी व राशन भत्ता में बढ़ोत्तरी हो.
अनुकंपा पर नियुक्ति का अधिकार पहले की तरह एसपी व कमांडेंट को दिया जाए.
केन्द्रीय पुलिसकर्मियों के अनुरूप शिक्षा भत्ता.
उग्रवाद प्रभावित जिलों में पदस्थापित, प्रतिनियुक्त जवानों को मूल वेतन का 30 प्रतिशत उग्रवाद भत्ता जिला व सैन्य पुलिस में लागू हो.
महिला पुलिसकर्मियों को जिला, वाहिनी व इकाई के सभी प्रतिष्ठानों में आवास व शौचालय की सुविधा मिले.
एसडीआरएफ व एसटीएफ की तरह विशेष भत्ता मिले और एसटीएफ की तरह कर्तव्य अवधि की सीमा निर्धारित हो.
पुलिस मुख्यालय में पहले से कायम परोपकारी, शिक्षा कल्याण कोष तथा जिला एवं वाहिनी में कायम उपसमिति एवं एसोसिएशन के चंदा कटौती के लिए सीटीएमआईएस की व्यवस्था हो.

(based on a bhaskar.com story/heading photo:thehindu, representational)

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