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सीबीआई ने सृजन घोटाला जांच किया तेज बैंककर्मी, अफसरों, नेताओं तक होंगे वेनकाब…

srijan scam

संजीव मिश्रा,भागलपुर: आज के तारिख में सृजन का खेल का दायरा जो भागलपुर से बिहार तक पहुँच गया इसमें बैंकों, अफसरों,कर्मचारियों, नेताओं और व्यापारियों का मिलीभगत का नतीजा है. इन लोगों की मिलीभगत से अब तक हुए करीब 1400 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले की जांच रविवार से सीबीआई ने शुरू कर दी है. इस संबंध में सीबीआई ने पहली प्राथिमिकी भी दर्ज कर ली है.

अब तक हुई एसआईटी की जांच के आधार पर इस घोटाले में सृजन, बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी और कर्मचारियों को आरोपित बनाया गया है. अब तक घोटाले से संबंधित 14 केस दर्ज हो चुके हैं. 18 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, इनमें दो की मौत भी हो चुकी है. और साथ ही कल से 6 लोग बीमारी से जूझ रहे हैं.

कई अफसर, नेता और व्यवसायी अब सीबीआई के रडार पर हैं. महाघोटाले की मुख्य किरदार और सृजन की सचिव प्रिया कुमार, उसके पति अमित कुमार और पूर्व जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजीव रंजर्न सिंह एवं भाजपा नेता बिपिन शर्मा, रालोसपा के नेता के विरुद्ध कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है.

गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें रांची, पटना और बेंगलुरू में लगातार छापेमारी कर रही हैं. एसआईटी का मानना है कि प्रिया और अमित की गिरफ्तारी से घोटाले की महत्वपूर्ण बात सामने आयेंगी. जिला प्रशासन की अब तक की जांच के बाद 1400 करोड़ रुपये के गबन का मामला प्रकाश में आ चुका है. जिसमे सहरसा में 161 करोड़ और बांका में 83 करोड़ रुपए गबन की प्राथमकिी दर्ज करायी जा चुकी है.

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जीरोमाइल रोड के बीच रानी तालाब के पास निर्मित अंग विहार अपार्टमेंट सृजन घोटाले के पैसे से बनाया गया है. अपार्टमेंट का निर्माण मनोरमा देवी के करीबी प्रणव कुमार घोष ने कराया है. सृजन घोटाले के आरोप में जेल में बंद सतीश झा व सरिता झा और फरार प्रणव घोष ने मिलकर पहले जमीन खरीदी थी। बाद में प्रणव घोष को अपार्टमेंट निर्माण के लिए जमीन ट्रांसफर कर दिया गया था.वहीं पर रालोसपा के एक नेता का भी अपार्टमेन्ट है, ये सभी सृजन के पैसे से बना है.

सृजन घेटाले की जांच कर रही एसआईटी को अपार्टमेंट निर्माण से जुड़े कई दस्तावेज हाथ लगे हैं.जेल में बंद सरिता झा व सतीश चंद्र झा का दो-दो फ्लैट और प्रणव घोष को पांच फ्लैट मिलने की सूचना है. भाजपा नेता के विपिन शर्मा का भी फ्लैट होने की बात सामने आई है.

हमारे विस्वस्त सूत्रों से हमें पता चला है कि मेरठ की टीम सीबीआई को जांच में पूरा सहयोग करेगी.

सृजन घोटाले मामले में सीबीआई की जांच के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा ने तैयारी शुरू कर दी है ताकि उनके मांगने पर सभी चीजें जल्दी मिल सके. इसके लिए मेरठ से एक्सपर्ट बुलाए गए हैं. सृजन मामले में एसआईटी और पुलिस तो पहले से जांच कर ही रही है, जिसमें कई खामियां सामने आई हैं और कई लोगों को जेल भी भेजा गया है. किन्तु अब सीबीआई अपने तरीके से जांच करेगी. इस जांच की तैयारी सप्ताह भर से की जा रही है.
इसके लिए बैंक ऑफ बड़ौदा में मेरठ से दो बड़े अधिकारियों की टीम बुलाई गई है. इसमें एक सहायक महाप्रबंधक और एक मुख्य प्रबंधक हैं. ये लोग रोजाना सुबह से रात तक शाखा में ही बैठकर अपने ढंग से जांच कर रहे हैं. इसमें शाखा तो क्या जोन का भी कोई भी व्यक्ति नहीं शामिल हैं. ये लोग एक-एक चेक और वाउचर मांग कर जांच कर रहे हैं कि आखिर किस स्तर पर गलती हुई है. गलतियों से जुड़ी सभी चीजें ये लोग अपने पास मंगाकर अपने स्तर से देख रहे हैं. बरहाल जो भी हो भागलपुर तो सृजन घोटाले को लेकर काफी बदनाम तो हो ही गया साथ ही साथ विकास कार्य से भी कोसों पीछे चला गया. भागलपुर को जो स्मार्ट सिटी बनाने की लगातार कोशिश हो रही थी उसमें लगाम लग गया.

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