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बाप है यूनिवर्सिटी में चपरासी, बेटी हुई वहां से टॉपर

Ratna university topper

Ratna university topper


लखनऊ.न्यूज़ डेस्क. कहते है कोशिश करने वाले की कभी हार नही होती. ऐसा ही कुछ हुआ रत्ना के साथ. जिन्होंने दिन-रात एक करके वह मुकाम हासिल किया जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी. रत्ना बाबा साहब भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी (बीबीएयू) की एमसीए की छात्रा है. उन्होंने अपनी क्लास में टॉप किया है. उन्हें यूनिवर्सिटी में होने वाले दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल मिलेगा. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद शिरकत कर रहे है.

फिलहाल रत्ना गोमतीनगर की एक प्राइवेट कम्पनी में जॉब करती है. वह पीएचडी करके प्रफेसर बनना चाहती है. रत्ना ने बताया कि उसकी पढाई में उसके पापा ने काफी मदद की है. अब वह प्रोफेसर बन कर अपने पापा को आराम की ज़िन्दगी देना चाहती है.

बात सिर्फ यहाँ ख़त्म नही होती कि उन्होंने अपनी क्लास में टॉप किया है. इस टॉप होने के पीछे उनकी एक अनोखी कहानी छिपी है. जिसे पढ़ के उनकी सफलता के पीछे की मुश्किलों का पता चलता है.

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रत्ना के पिता बृजमोहन चपरासी है और वह भी रत्ना के यूनिवर्सिटी में ही. उन्होंने अपनी बेटी कि सफलता पर ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि रत्ना की पढाई को ले कर एक ऐसा वक़्त भी आया था जब उसे अपनी पढाई छोड़ने की नौबत आ गयी थी. तब वह 2010 में मॉडर्न अकैडमी से बीसीए कर रही थी. वहां की फ़ीस काफी ज्यादा थी. बेटी की पढाई न छुटे इसके लिया लोंन भी लेना पड़ा.

उन्होंने आगे बताया कि रत्ना की आखिरी सेमेस्टर में जब लोन भी कम पर गया तो उन्हें अपने पीएफ से 40 हजार रुपये निकालकर रत्ना की फीस चुकानी परी. उन्होंने कहा कि वह अपने सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहते है. मगर इसके लिए उनके पास ज्यादा पैसे नही है.

उन्होंने जानकारी दी कि अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए उन्होंने एक वक़्त का खान भी छोड़ दिया है. वह 24 घंटे में सिर्फ एक बार ही खाते है. इसके अलावा उन्होंने अपनी कई ख्वाहिशें भी कुर्बान कर दी है.
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