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उत्तर बिहार की इस खतरनाक नदी ने दिखाना शुरू किया अपना कहर, सैंकड़ो घर बन रहे हैं शिकार

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उत्तर बिहार की सबसे खतरनाक नदी कोसी ने अपना कहर अभी से दिखाना शुरू कर दिया है. नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण कोसी का जलस्तर काफी बढ़ गया है. इसी बजह से बिहार का शोक कही जाने वाली कोसी उफान पर आ गई है और इसने कई गांवों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है. मिली ताजा जानकारी के अनुसार बिहार के सुपौल जिले के निर्मली के घोघरिया पंचायत में बसे करीब 200 घरों में रह रहें लोग खौफ के साए में जी रहें हैं. बताया जा रहा है कि इस पंचायत के कई गांवों में कोसी का पानी घुस चूका ही जो कभी भी एक भयानक रूप धारण कर सकता है.

इन गांवों में बाढ़ का पानी घुस जाने से यहां के लोगों का जीना काफी मुश्किल हो गया है. दहशत में आके कुछ ग्रामीणों ने ऊँचे स्थानों को अपना ठिकाना बनाना शुरू कर दिया है लेकिन फिर भी उन्हें अभी भी इस बात का डर है की कहीं कोसी उस स्थान को भी ना डुबो दे. ऐसे भी मौसम विभाग ने उत्तरी बिहार और दक्षिणी बिहार में भारी बारिश को लेकर लोगों को हाई अलर्ट किया है.

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जानकारों ने बताया की शनिवार को कोसी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था. शाम के चार बजे कोसी का जलस्तर 2 लाख 32 हजार 595 घनमीटर प्रति सैकंड बढ़ते क्रम में रिकॉर्ड दर्ज किया गया जो इस साल के बाढ़ अवधि के दौरान सबसे अधिक जलस्तर है. इस मामलें में कोसी बराज कंट्रोल के कार्यपालक अभियंता विमल कुमार का यह कहना है कि बाढ़ से बचने के लिए विभाग ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है. साथ ही कोसी से सटे इलाकों में अभी से हाई अलर्ट भी कर दिया गया है.

उन्होंने यह भी बताया की कोसी में जलस्तर बढ़ने के चलते तटबंध पर 24 घंटे की कनीय अभियंता और सहायक अभियंता के साथ-साथ कार्यपालक अभियंता भी चौक्कने हो चुके हैं. साथ ही नदी में जलस्तर की लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए कोसी बराज के 56 फाटकों में से 30 फाटकों को खोल दिया गया है. इन तटबंधो के खोले जाने के बजह से ही तटबंधों के भीतरी गावों में लोगों के बीच हाहाकार मचा गया है.

सूत्रों के माने तो 30 फाटकों के खुलने केबाद एकडारा, सोनबरसा, बेंगाटोल, अरराहा, पिरगंज, मोमिनटोला, ठाढ़ि धत्ता, मुरकुचिया, झकराहि, ढोली, परसाही, सिमराहा, सिसवा, डगमारा, कुनोली, कमलपुर, हरीयाही, घोघररीया, सीसोनी, पंचगछिया, सुकमारपुर, खूखनाहा, परसामाधो, मौजहा, जोबहा, घूरन, बलवा, मुंगरर, बेरीया, सितुहर, तेलवा, नकता, बनैनिया ,बलथर्वा, लौकहा पलार, सनपतहा सहित 130 गांव के लोग खौफ के साये में जी रहे है क्योंकि बाढ़ के पानी ने अभी से ही इन गांवों में प्रवेश करना शुरू कर दिया है.

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