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जदयू का आपात बैठक आज, अब बस फैसले की घड़ी का इन्तजार!

nitish kumar jdu
nitish kumar jdu

file photo

न्यूज़ डेस्क: तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर राजद और जदयू के बीच में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है. सीबीआई ने सात जुलाई को लालू यादव के पटना आवास सहित देशभर के 12 स्थानों पर छापेमारी की थी. इस छापेमारी के बाद सीबीआई ने लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव सहित लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है.

मामला वर्ष 2004 का है जिसमे आरोप लगा है कि लालू प्रसाद देश के रेलमंत्री रहते हुए रेलवे के दो होटल एक निजी कंपनी को लीज पर दिलाए और उसकी एवज में उन्हें पटना में तीन एकड़ जमीन दी गई. सीबीआई द्वारा डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद महागठबंधन में सहयोगी पार्टी जदयू और सीएम ने तेजस्वी यादव को चार दिन का समय दिया था स्थिति स्पष्ट करने का जो कल समाप्त हो गया है आज दोनों पार्टी का बैठक होने जा रही है.

जदयू की आज आपात बैठक होनी है हालांकि कहा यह जा रहा है कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर यह बैठक बुलाई गई है लेकिन साफ जाहिर है कि राजद दिया गया मियाद कल ही खत्म हो चुकी है और अब फैसला लेने की बारी सीएम नीतीश कुमार की है. जदयू विधायक दल की बैठक सीएम हाउस में आज शाम 4 बजे से बैठक शुरू होगा. इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे सीएम नीतीश कुमार करेंगे साथ ही राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चर्चा होगी.

कल जिस प्रकार के बयान आये हैं जिससे स्पष्ट हो गया है कि जदयू अब तेजस्वी के इस्तीफा नहीं देने के बाद बर्खास्त करने की कार्रवाई कर सकती है. कल जदयू महासचिव श्याम रजक ने लालू यादव पर हमला करते हुए कहा कि जनता अगर सत्ता में बैठाती है तो कान पकड़कर कुर्सी से उतार भी देती है और बाहर का रास्ता दिखा देती है. कभी लालू के करीबी रहे श्याम रजक ने लालू यादव पर तंज भरे लहजे में कहा कि वो अब बुजुर्ग हो गए हैं और बुजुर्गियत में एेसे अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं. उन्हें अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए.

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रजक ने कहा कि तेजस्वी को अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देना चाहिए जैसा सीएम नीतीश कुमार ने उन्हें साक्ष्यों के आधार पर कहा है. जनता के बीच जायें तेजस्वी उन्होंने साफ किया कि सीएम नीतीश की साफ सुथरी छवि ही यूएसपी है और हम उनकी छवि को लेकर कोई समझौता नहीं करेंगे.

श्याम रजक ने स्पष्ट किया है कि किसी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप को नीतीश कुमार ने कभी भी बर्दाश्त नहीं किया है इसलिए हम आज भी अपने स्टैंड पर कायम हैं और साफ कर देना चाहते हैं कि नीतीश कुमार समय आने पर अपना सही फैसला लेंगे. इसका इंतजार करना चाहिए. हालंकि उनके बयान पर जदयू ने पल्ला झाड़ लिया था लेकिन यह जरुर है कि नीतीश कुमार भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पीछे हटने को लेकर तैयार नहीं है.

कल एक सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद का नहीं आना भी चर्चा का विषय गया और सीएम ने तेजस्वी के कार्यक्रम से नदारद रहने की पत्रकारों सवालों का जवाब भी नहीं दिया. इशारो ने इशारों में जद (यू) के प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि राजद अध्यक्ष को दीवार पर लिखी लिखावट को पढ़ लेना चाहिए. राजनीतिक और सामाजिक जीवन में लोकलज्जा का महत्व होता है.

संजय सिंह ने कहा था कि पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने हवाला मामले में फंसने के बाद लोकसभा से इस्तीफा दिया था, खुद नीतीश कुमार ने एक रेल दुर्घटना के बाद रेल मंत्री पद से इस्तीफा दिया था, पार्टी को आशा है कि लालू प्रसाद अपनी जिद छोड़कर इस संकट की घड़ी में सामने आएंगे और इससे राज्य को निजात दिलाएंगे. हालांकि कहा जा रहा है कि सीएम आज कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं. तेजस्वी के इस्तीफा नहीं देने के स्थिति में उन्हें मंत्रीमंडल से बर्खास्त किया जा सकता है.


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