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सुधीर कुमार की गिरफ़्तारी पर मनु महाराज ने किया प्रेस कांफ्रेस, कर दिया सबूत का खुलासा

manu maharaj

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हितेश कुमार. मनु महाराज ने आज बीएसएससी अध्यक्ष की गिरफ़्तारी को लेकर प्रेस कांफ्रेस किया और इस मामले में अबतक के हुए अनुसंधान पर प्रकाश डाला. उन्होने इस मामले में अध्यक्ष की सीधे तौर पर संलिप्तता बताई. इसके अलावा मनु महाराज ने कहा कि इस परीक्षा में सुधीर कुमार के चार रिश्तेदार भी बैठे थे जिनके पास भी प्रश्न पत्र पहुंचा था. उन्होंने बताया कि सुधीर कुमार का दिल्ली के एक प्रिंटिंग प्रेस से रिश्ते थे इसके अलावा छपाई आदि को लेकर गुजरात के प्रेस से भी उनके संबंध थे. इसमें जांच हुई तो उनकी भूमिका संदिग्ध लगी. पुलिस के पास ऐसे सबूत हैं जिससे उनकी भूमिका को कोई नकार नहीं सकता हैं.

एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि इस मामले में अबतक 32 लोगों की गिरफ़्तारी हो चुकीं हैं और सबसे खिलाफ पक्के सबूत हैं. हालांकि उन्होंने पोलिटिकल लोगों के जुड़े होने पर कहा कि अबतक इसमें इसतरह की कोई नाम नहीं आया हैं. आगे अनुसंधान जारी हैं. मनु महाराज ने कहा कि अध्यक्ष की मिली भगत की पुष्टि हुई हैं. उनका कहना है कि अध्यक्ष के परिवार के पांच सदस्यों को परीक्षा में बैठना था इसी के तहत क्वेश्चन लीक करने की योजना बनी थी.

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मनु महाराज ने सभी सबूतों को मीडिया के सामने रखा जिनके आधार पर उनकी गिरफ़्तारी हुई हैं…

पहला सबूत: प्रश्न पत्र की सेटिंग से लेकर छपाई तक की सभी जिम्मेवारी अध्यक्ष की होती इसमें कोई दूसरा दखल नहीं दे सकता…

दूसरा सबूत: जिससे यह प्रश्न पत्र सेट करवाया गया, किससे करवाया गया, कहा करवाया गया एसआईटी को नहीं बताया गया. एक प्रोफ़ेसर का नाम भी बताया गया उससे पूछताछ करने पर उसने बताया कि हमने प्रश्न पत्र सेट नहीं किया हैं…
तीसरा: इसके अलावा बिना जाँच करवाए मीडिया में जो प्रश्न पत्र आया उसे गलत बता दिया गया जबकी 5 फरवरी का पेपर 29 जनवरी को ही लीक हो चूका था.
चौथा: तीसरा इनके परिवार के पांच सदस्य इस परीक्षा में शामिल हुए थे. जब इस मामले में आशीष कुमार को गिरफ्तार किया गया तो उसने पुरे मामले का खुलासा किया…


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