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केवल मीडिया मैनेजमेंट में लगी है नीतीश सरकार? देखें गुड़िया रेप हत्याकांड का सत्य….

nitish kumar

nitish kumar


मोतिहारी.मधुरेश. एक थी गुड़िया.पढ़ने-लिखने में तेज और घरेलू कार्यो में दक्ष. दिखने में सुंदर और सुशील.माता-पिता के साथ ही गांव-समाज के लिए भी दुलारी. चार भाई-बहन में तीसरे नंबर की गुड़िया जिले के डुमरियाघाट थाना क्षेत्र के सेमुआपुर निवासी गौरी सहनी की पुत्री थी. अन्य लड़कियों की तरह गुड़िया ने भी कई सपने देखे थे. उसे नहीं मालूम था कि 04 मई 2015 की रात उसके बचपन भरे जीवन की अंतिम रात होगी.

पिछले साल चार मई की रात दरिंदे उसे जबरन घर से उठा कर ले गये. सारी रात सामूहिक बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर शव को फेंक दिया.जो सभी मामले में होता है ठीक वैसा ही हुआ. पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम कराया और प्राथमिकी दर्ज कर ली. इस मामले में दर्ज डुमरियाघाट थाना कांड संख्या 40/2015 धारा 376{2}{एन}/302/201/34भादवि एवं 06 पोस्को एक्ट-2012 को चकिया के डीएसपी द्वारा अपने पर्यवेक्षण में सत्य करार दिया गया है.

जिला पुलिस अधीक्षक ने अपने ज्ञापांक 8951 दिनांक 18-09-2015 के द्वारा इस मामले को सत्य करार देते हुए सभी नामजद आठ प्राथमिकी-अप्राथमिकी अभियुक्तों एवं अन्य अज्ञात की गिरफ्तारी एवं फरार रहने पर कुर्की-जब्ती का आदेश केस के आईओ को दिया था.इतना ही नहीं एस पी ने चकिया के डीएसपी को प्रगति प्रतिवेदन देने एवं केसरिया के पुलिस इंस्पेक्टर को अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था.

एसपी को आदेश दिये साढ़े दस माह बीत गये परंतु आज तक इस गंभीर मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है.इस घटना के तुरंत बाद पुलिस ने एक मात्र आरोपी बबिता देवी को जेल भेज कर अपने कर्त्तव्य की इतिश्री कर ली थी.दरिंदगी एवं हत्या की शिकार नबालिग बच्ची की मां सुकनी देवी न्याय के लिए दर-दर की ठोकर खा रही है,परंतु उसका कोई सुनने वाला नहीं है.

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अब तक वह चार-पांच बार एसपी साहब के जनता दरबार में भी फरियाद कर चूकी है.थक-हार कर उसने न्याय के लिए अब सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार,राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष,जोनल आई जी मुजफ्फरपुर,डीआईजी बेतिया एवं एसपी मोतिहारी को पत्र भेजा है.हैरत की बात तो यह है कि स्थानीय पुलिस के तथाकथित संरक्षण में सामूहिक बलात्कार और नबालिग युवती की जघन्य हत्या के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और मृतका के परिजनो को केस उठा लेने की धमकी दे रहे है.

इस कांड का एक अभियुक्त ओशियर सहनी तो हाल ही में संपन्न पंचायत चुनाव की मतगणना में एक पंचायत समिति प्रत्याशी का काउंटिंग एजेन्ट बनकर पुलिसिया सुरक्षा को भेदते हुए मतगणना भवन में मौजूद रहा लेकिन पुलिस उसे नहीं पकड़ सकी. अब देखना यह है कि कानून का राज चलाने वाले सीएम नीतीश कुमार के शासन काल में नबालिग युवती रेप एवं हत्या कांड के अभियुक्तों की गिरफ्तारी होती है या नहीं.

सरकार का काम केवल यह नहीं होता कि जबतक मीडिया या लोगों का सेंटिमेंट मामले से जुड़े हों तब तक कार्रवाई की जाए और जब लोग भूल जाये तो आरोपी खुलेआम घुमने लगे. गरीब परिवार कैसे किसी दबंग आपराधी से निपटेगा जब सरकार और प्रसाशन किसी कि नहीं सुनेगा.

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