Input your search keywords and press Enter.

सीएम नीतीश और पूर्व मंत्री समेत कई पर प्राथमिकी दर्ज कराने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने….

nitish kumar
nitish kumar

फाईल फोटो


न्यूज़ डेस्क: सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनके पूर्व मंत्री समेत अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ परिवाद पत्र दायर होने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं करने को चुनौती देने वाली याचिका को पटना हाईकोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है. पटना हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावे कई नेताओं व अधिकारियों के खिलाफ एक अपराधिक रिट याचिका राजेश कुमार जायसवाल ने दायर की थी जिसको अदालत ने ख़ारिज कर दिया है.

Loading...

राजेश कुमार जायसवाल ने अपनी याचिका में कहा था 2007 में उसने बीपीएससी की परीक्षा दी थी. इसमें प्रावधान के मुताबिक बीसी- 2 को आरक्षण नहीं दिया गया था. इस बारे में उन्होंने जानकारी बीपीएससी से आरटीआइ के माध्यम से प्राप्त की थी. इस संदर्भ राजेश कुमार जायसवाल ने 31.10.15 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूर्व मंत्री जी एन अखौरी, कार्मिक सचिव आमिर सुबहानी, परीक्षा नियंत्रक एससी झा के खिलाफ परिवाद पत्र दायर किया था. इस मामले में सचिवालय थानाध्यक्ष को सीजेएम ने कानूनी प्रक्रिया के तहत एफआइआर दर्ज करने का निर्देश दिया था. हालांकि तत्कालीन थानाध्यक्ष ने सीजेएम के आदेश को यह कहते अस्वीकार कर दिया था कि प्राथमिकी दर्ज करने से पहले संबंधित विभाग से अभियोजन चलाने की स्वीकृति लिया जाना जरुरी है.

कोर्ट में याचिकाकर्त्ता राजेश कुमार जायसवाल ने अदालत को यह भी बताया गया था कि पिछले साल 21 नवंबर को हाईकोर्ट की एक पीठ ने भी एफआइआर दर्ज नहीं करने पर सचिवालय थानाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. लेकिन कोर्ट ने सारी बातों को सुनने के बाद खारिज कर दिया था. हालांकि इस याचिका को भी न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद की पीठ ने थानाध्यक्ष द्वारा लिए गए निर्णय लेते हुए सही ठहराया है.



इस न्यूज़ को शेयर करे तथा कमेंट कर अपनी राय दे.
[shareaholic app=”share_buttons” id=”18820564″]

Leave a Reply

Your email address will not be published.