Input your search keywords and press Enter.

शिकायत करने पहुंचे युवक के साथ आरपीएफ कमांडेंट ने दिखाई दादागिरी व गुंडई…

WhatsApp Image 2017-08-31 at 4.32.57 PM

WhatsApp Image 2017-08-31 at 4.32.57 PM

ललन कुमार, शेखपुरा: पूर्व मध्य रेलवे के डीआरएम भवेश चन्द्र झा पूर्वाह्न करीब 10 बजे रामपुर सवारी ट्रेन से निरीक्षण करने क्युल गया रेलखण्ड पर स्थित शेखपुरा रेलवे स्टेशन पहुंचे. जैसे ही डीआरएम शेखपुरा पहुंचे रेल कर्मियों में हड़कंप मच गई. मीडिया कर्मी डीआरएम की आगमन की सूचना पाकर न्यूज कवरेज करने प्लेटफॉर्म पर पहुंच गए. इधर डीआरएम स्टेशन का निरीक्षण कर रहे थे, उधर डीआरएम के साथ शेखपुरा आए आरपीएफ के कमांडेन्ट दादागिरी व गुंडई कर रहे थे.

एक सामाजिक कार्यकर्ता अमित कुमार जैसे ही स्टेशन की शिकायत करने डीआरएम के पास पहुंचा तो उसी बीच उसके साथ कमांडेन्ट ने दादागिरी व गुंडई करने लगे. वे उस युवक का शिकायती आवेदन लेकर उससे प्लेटफॉर्म टिकट की मांग कर दी. उस युवक से अन्य पुलिस कर्मी मिलकर बिना टिकट होने का फाइन भी 260 रुपये ले लिया. युवक के साथ हो रही इस घटना का कवरेज कर रहे एक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर्मी धर्मेन्द्र कुमार के साथ आरपीएफ कमांडेन्ट ने पहले तो उनकी कॉलर पकड़ ली. फिर उनके मोबाइल छीन लिया गया.

Loading...

इतना ही नही उनके मोबाइल में कवर किये गए न्यूज का वीडियो फुटेज भी डिलीट कर दिया गया. इससे भी मन नहीं भरा तो मीडिया कर्मी से भी प्लेटफॉर्म टिकट की मांग कमांडेन्ट द्वारा की जाने लगी. प्लेटफॉर्म टिकट नहीं रहने पर फाइन करने की बात कह डाली. इतना ही नही, एक दैनिक अखबार के पत्रकार अरविन्द कुमार को भी उस रिपोर्टर के पक्ष में बोलना भारी पड़ गया. उनके साथ भी कमांडेन्ट ने दुर्व्यवहार किया. उधर कमांडेन्ट युवक अमित को अपने साथ ट्रेन पर जबरदस्ती बैठाकर साथ ले गए. अमित वारसलीगंज से लौटकर मीडिया से रबरु होते हुए कहा कि वे डीआरएम से यह शिकायत करने पहुंचे थे कि रेलवे का रेक जब लदता था तो उसके घर और आस पास के इलाकों में काफी डस्ट उड़ कर भर जाता. लोग बीमार पड़ रहे थे. इसी की शिकायत लेकर वे डीआरएम के पास पहुंचे थे. लेकिन उनके शिकायती आवेदन को आरपीएफ के कमांडेन्ट ने ले लिया और कहा कि दानापुर आकर शिकायत करो.

उनके साथ कमांडेन्ट ने दादागिरी व गुंडई की. इस घटना का कवरेज कर रहे मीडिया बन्धु को भी उस कमांडेन्ट ने कॉलर पकड़ कर उसके साथ दुर्व्यवहार किया जिससे मीडिया में वह बयान न दे सके. इसके लिए उसे जबरदस्ती ट्रेन में बैठाकर वारसलीगंज तक लाया गया. कमांडेन्ट के द्वारा की गई इस तरह की घटना से रेलवे स्टेशन पर अफरा तफरी मच गई. वहीं निरीक्षण करने के बाद मीडिया को डीआरएम ने बताया कि 2020 तक क्युल गया रेल खण्ड दोहरीकरण कर लिया जाएगा. इससे पहले विद्युतीकरण कर लिया जाएगा. पीड़ित युवक ने रेलमंत्री सुरेश प्रभु से इस घटना की जांचकर दादागिरी व गुंडई करने वाले आरपीएफ के कमांडेन्ट पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. अब देखना है कि रेल मंत्री इस घटना को कितना गंभीरता से ले पाते हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो सके.

इस न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.

[shareaholic app=”share_buttons” id=”18820564″]

Leave a Reply

Your email address will not be published.