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बिहार के इस स्टेशन पर शौचालय भी खाने और नाश्ते के लिए होते हैं बंद, पुरी कहानी जान सर पकड़ लेंगे

न्यूज़ डेस्क: बिहार में रेलवे की लचर व्यवस्था की पोल लगातार खुलती रहती है. एक तरफ प्रधानमंत्री देश में स्वच्छ भारत अभियान चला रहे हैं. लोगों को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए शौचालय का निर्माण करवा रहे हैं वहीँ रेलवे के शौचालय में कई जगह ताला जड़ दिया जाता है एक ऐसा ही ताजा मामला आया है बिहार के सासाराम स्टेशन से जहां एक बुजुर्ग महिला को टॉयलेट जाने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

एक रेलवे यात्री अजित कुमार ने बताया कि अपनी माँ के साथ सासाराम स्टेशन पर ट्रेन से उतरा. उस वक्त साथ में मेरी माँ जिनकी उम्र 61 वर्ष है तथा वो एक पैर से लाचार भी है. उन्होंने मुझसे टॉयलेट जाने की बात कही तो मैं उनको 2 नम्बर प्लेटफॉर्म सेकंड क्लास के वेटिंग हॉल में ले गया जहाँ 2 शौचालय बंद था. एक में ताला लगा था तथा एक में रस्सी से बांधा हुआ था. उन्होंने बताया कि मेरी माँ को टॉयलेट उस वक्त मजबूरन ट्रैक के किनारे करना पड़ा क्योंकि उनको टॉयलेट रोकना मुश्किल होता है. लेकिन माँ को मेरी बहुत ही ज़िल्लत महसुस हुआ क्योंकि एक महिला को जब खुले में टॉयलेट करना पड़े वो भी सिस्टम के नाकामी के चलते.

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आगे अजित ने बाताया कि इसके बाद जब मै उपस्टेशन प्रबंधक के पास इस बात की कंप्लेन करने गया तो वहाँ मुझसे बड़ी ही बेरुखी से पेश आते हुए पहले टिकट मांगा गया. कंप्लेन लेने से पहले यह कह कर हड़काया गया कि आपको यहाँ आना भी पड़ेगा जब भी बुलाया जाएगा तो. लेकिन मैं इस बात पर अड़ गया कि मैं आऊंगा तब जाकर कंप्लेन लिया गया. इसी बीच शौचालय वाले को फोन करके खुलवा दिया गया. जिसपर उन्होंने कहा कि लेकिन मेरे पास फ़ोटो था तो मैं उनको दिखाया तो वहाँ मुझे जवाब मिला कि 15 मिनट के लिए खाना खाने गया था इसलिए बंद था. कंप्लेन में भी यही लिख दिया गया है कि जब मैं वहाँ देखने गया तो खुला था तथा 15 मिनट के वो नाश्ते के लिए गया था. यह घटना सुबह करीब 10 बजकर 46 मिनट की बताई गई है. अगर इस तरह की घटना बुजुर्गों के साथ होती है तो स्वच्छ भारत किसी सपने से कम नहीं है. शौचालय रहते हुए लोग रेल ट्रैक का युप्योग करते रहेंगे.

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