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शरद यादव ने पकड़ी अलग राह?

sharad yadav
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file photo

जदयू के पूर्व अध्‍यक्ष शरद यादव ने अभी तक खुलकर सबकुछ साफ़ नहीं किया है यही कारण है कि जदयू भी उनपर खुलकर बयान नहीं दे रही है. उन्होंने कहा कि कहा है कि भारत में सबको साथ लेकर चलने की राजनीति जरूरी है. समन्‍वय की इस विरासत को बचाने को हम वचनबद्ध हैं. शरद ने कहा कि आगामी 17 अगस्‍त को उनके द्वारा बुलाए गए सम्‍मेलन का मकसद भी यही है. सम्‍मेलन का नाम भी ‘सहज विरासत बचाओ सम्‍मेलन’ रखा गया है. हालांकि अभी उनके बयान से कुछ समझ नहीं आ रहा है लेकिन बिहार में एनडीए सरकार बनने के बाद अलग राह पकड़ते दिख रहे है.

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आपको बता दे कि इससे पहले शरद यादव ने हाल ही में जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार के भाजपा के साथ बिहार में नई सरकार बनाने के फैसले को दुर्भाग्‍यपूर्ण बताया था. इसके बाद उन्‍होंने दिल्‍ली में विपक्षी दलों के सम्‍मेलन की घोषणा की थी. इस सम्‍मेलन में कई बड़े विपक्षी नेताओं, समाजिक कार्यकर्ताओं, किसानों, दलितों, अल्‍पसंख्‍यकाें तथा समाजवादी परिवार के सदस्‍यों के शामिल होने की बात कही जा रही है.

शरद यादव का यह सम्‍मेलन पार्टी सुप्रीमो नीतीश कुमार द्वारा पटना में 19 अगस्‍त को बुलाई गई राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दो दिन पहले हो रही है. शरद यादव, जो इन दिनों विपक्ष के तमाम बड़े नेताओं से विमर्श में जुटे हैं, 10 अगस्‍त से बिहार का तीन दिवसीय दौरा भी करने वाले हैं. बताया जा रहा है कि इस दौरान वे जनता की नब्‍ज टटोलेंगे.

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