Input your search keywords and press Enter.

अगर नहीं चलता सेंसर का कैंची तो ऐसा होता ‘शोले’ का क्लाइमेक्स

एंटरटेनमेंट डेस्क: सेंसर बोर्ड जैसे अभी कैंची चलता है पहले भी चलाता था और इस कैंची का शिकार बॉलीवुड का मशहूर मूवी शोले भी हो गयी है. करीब 43 साल पहले रिलीज हुई हिंदी सिनेमा की ऐतिहासिक फिल्म ‘शोले’ भी सेंसर बोर्ड के सख्त से रवैए से नहीं बच पाई थी. जी हां, बोर्ड की वजह से फिल्म निर्माताओं को ‘शोले’ का क्लाइमेक्स सीन बदलना पड़ा था. अब इस फिल्म का वो सीन वायरल हो रहा है, जिसे डिलीट कर दिया गया था. इस सीन में ठाकुर, गब्बर को मौत के घाट उतार देता है. जबकि जिसे अबतक हम फिल्म में देखते आ रहे हैं उसमें ठाकुर, गब्बर को पुलिस के हवाले करते हैं.

Loading...

‘शोले’ के निर्देशक रमेश सिप्पी ने पुणे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सेंसरशिप का यह वाकया सबके साथ शेयर किया. बता दें, इस फेस्टविल में उन्हें PIFF Distinguished Personality Award से सम्मानित किया गया.


इस न्यूज़ को शेयर करे तथा कमेंट कर अपनी राय दे.
[shareaholic app=”share_buttons” id=”18820564″]

Leave a Reply

Your email address will not be published.