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सृजन घोटाले में नीतीश सरकार पर समाजिक कार्यकर्त्ता ने किया सनसनीखेज खुलासा!

nitish sushil modi
nitish sushil modi

file photo

न्यूज़ डेस्क: बिहार के सबसे बड़े घोटाले का रूप ले रहा सृजन घोटाला में रोजाना नए खुलासे होते जा रहे हैं. इस घोटाले का खुलासा सामाजिक कार्यकर्ता संजीत कुमार ने किया है. उन्होंने दावा किया है कि इस घोटाले का शक जताते हुए नीतीश सरकार को चिट्ठी लिखी थी. इस चिट्ठी में उन्होंने शक जताया है कि एनजीओ में गैरकानूनी तरीके से सरकारी फंड को पहुंचाया जा रहा है.

उनका कहना है कि गैरकानूनी तरीके से सरकारी पैसा सृजन एनजीओ के यहां जा रहा था. यहां तक की सामान भी बाहर से खरीदकर एनजीओ का ठप्पा लगाकर बेचा जाता था इस घोटाले का खुलासा करने वाले कार्यकर्त्ता का कहना है कि उन्होंने इस बात की जानकारी नीतीश सरकार 2013 में ही घोटाले का शक की आशंका होने पर को दी थी.

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आर्थिक अपराध शाखा ने तब बांका में तैनात एक भू-अर्जन अधिकारी जयश्री ठाकुर के घर 2013 में छापा मारा था जिसके बाद यह चला था कि ठाकुर का सृजन एनजीओ में सात करोड़ 36 लाख रुपए जमा था. छापेमारी के बाद समाजिक कार्यकर्त्ता ने सीएम नीतीश कुमार, भागलपुर के तबके मुख्य सचिव और सहकारिता सचिव को ई-मेल भेजी थी.

उनका कहना है कि, ”मैंने मुख्य सचिव बिहार, मुख्यमंत्री बिहार और सहकारिता सचिव को मेल पर जानकारी दी थी कि यह गंभीर विषय है और इसको लेकर अखबार में ऐसा-ऐसा छपा है. इसमें मैंने यह भी लिखा था कि मुझे शक है कि सृजन महिला में सरकारी फंड भी जमा होता है.”
उनके मुताबिक डीएम ने एक जांच कमिटी बनाई लेकिन जांच की रिपोर्ट कभी सार्वजनिक नहीं की गई और मामला तब ठंडे बस्ते में चला गया. उस समय वित्त मंत्री सुशील मोदी थे इस बारे में सवाल करने पर सीबीआई जांच की बात कह कर टाल गए. गौरतलब है कि मनोरमा देवी के ने सृजन नामक एनजीओ साल 1996 में बनाया था खुद सीएम नीतीश कुमार ने मास्टरमाइंड मनोरमा को अपने हाथों से सम्मानित कर चुके हैं.

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