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फोरलेन बनाने में गई जमीन का मुआवजा लेने में लाभुकों को छूट रहे पसीने

भूअर्जन विभाग के रवैये से परेशान लाभर्थियों ने खोला मोर्चा,फ़ॉर लेन बनाने में गई जमीन का मुआवजा लेने मे लाभुकों को छूट रहे पसीने.
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शेखपुरा. ललन कुमार

फरियाद लगाते लाभार्थी

भूअर्जन विभाग की कार्यशैली से परेशान होकर लाभार्थियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लाभार्थियों में दयाली बिगहा के रामचन्र्द यादव,मदन यादव,विपिन कुमार,राजा प्रसाद,कौशलेंद्र प्रसाद,बरबीघा के पुरानी शहर के अनिल कुमार समेत अन्य ने कहा कि उनकी जमीन फ़ॉर लेन बनाने में सरकार ने ले ली है लेकिन सरकार का भूअर्जन विभाग अधिग्रहण की गई जमीन का मुआवजा देने में महीनों से ऑफ़िस का चक्कर कटवा रही है. मुआवजा नहीं दे रही है. उनलोंगो के द्वारा जमीन अधिग्रहण का तमाम कागजात ऑफिस में जमा कर दिया गया है.

भूअर्जन पदाधिकारी जांच के नाम पर मुआवजा राशि को लटकाये हुए हैं. राम चन्द्र यादव ने कहा कि सरकार द्वारा बरबीघा से सरमेरा होते हुए मोकामा के फ़ॉर लेन में मिलाने के लिए जमीन अधिगृहित की है. इस फ़ॉर लेन बनाने में उनकी जमीन भी गयी है. उनकी जमीन का सरकारी मुआवजा 9.7लाख निर्धारित की गई है. जमीन संबंधित तमाम कागजात को जमा करने के बाबजूद भी इस राशि को पाने के लिए तीन महीने से ऑफिस का दौड़ लगा रहे हैं.

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वहीं अनिल कुमार ने कहा कि इस फ़ॉर लेन में फजुलापुर मौजा में उनकी 20.6 डिसमिल जमीन सरकार ने अधिगृहित की है. इस जमीन का सरकारी मुआवजा राशि एक करोड़ 6 लाख निर्धारित की गई है. जमीन से संबंधित तमाम कागजात उनके द्वारा जुलाई 2017 में ही भूअर्जन ऑफिस में जमा कर दी गयी है. तभी से अभी तक उन्हें मुआवजा राशि के लिए दौड़ाया जा रहा है.

अनिल ने कहा कि मुआवजा राशि दिए जाने में पूर्व भूअर्जन पदाधिकारी 80 हजार रु कमीशन की भी मांग की थी. इसी दौरान वे निगरानी के हत्थे चढ़ गए। विभागीय कर्मियों ने कहा कि 12 लोंगों को मुआवजा संबंधित कागजात जमा कर दिया गया है. उनका स्थल भी जांच हो गयी है. भुगतान बाकी है. फिलहाल 50 लाभार्थियों का मामला लंबित पड़ा है. कार्य बहुत ही धीमा चल रहा है.

वहीं इस मामले में भूअर्जन पदाधिकारी मो यूनुस अंसारी कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि पूर्व के पदाधिकारी को निगरानी के हत्थे चढ़ने के बाद भूअर्जन पदाधिकारी का प्रभार उन्हें तीन महीने पहले मिला है. बहुत सा मामला उनके कार्यकाल के पूर्व का है. फ़ॉर लेन की अधिगृहित की गई जमीन में बहुत से मामला विवादित है. मुआवजा जांच पड़ताल कर दी जाएगी.

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