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सुशील मोदी का दावा: अति पिछड़ा समाज आज एनडीए के साथ

sushil m

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हितेश कुमार. भाजपा अति पिछड़ा वर्ग मोर्चा की ओर से विद्यापति भवन में आयोजित ‘आभार समारोह’ को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आज अति पिछड़ा वर्ग पूरी तरह से एनडीए के साथ है. अपील करते हुए कहा कि 2014 की तरह एक बार फिर अति पिछड़ा वर्ग 2019 में वोट देकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश के विकास का मौका दें. केन्द्रीय सेवाओं में आरक्षण के लिए पिछड़े वर्गों की सूची के वर्गीकरण के लिए केन्द्र की सरकार ने आयोग का गठन किया है. कांग्रेस-राजद द्वारा बाधा उत्पन्न करने के बावजूद राज्यसभा में बहुमत होने पर केन्द्र सरकार पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देगी.

बिहार में कर्पूरी ठाकुर की सरकार जिसमें जनसंघ भी शामिल था ने 1978 में सरकारी नौकरियों में पिछड़ों को एनेक्चर-1 और 2 के तहत आरक्षण लागू किया. बिहार में जब 2005 में एनडीए की सरकार बनी तब जाकर स्थानीय निकाय के चुनाव में अति पिछड़ों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया गया जबकि राजद-कांग्रेस ने तो 2002 में आरक्षण का प्रावधान किए बिना पंचायत का चुनाव करा दिया था.

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श्री मोदी ने कहा कि देश में लगातार 40 वर्षों तक शासन करने वाली कांग्रेस और बिहार में 15 वर्षों तक सरकार चलाने वाला राजद ने कभी पिछड़ों की चिन्ता नहीं की. काका कालेलकर कमिटी की रिपोर्ट 1953 में आ गई थी मगर कांग्रेस में उसे लागू करने की हिम्मत नहीं थी. भाजपा के सहयोग से 1977 में बनी मोरारजी की सरकार ने मंडल कमीशन का गठन किया मगर 10 वर्षों तक कांग्रेस उसकी रिपोर्ट को लागू नहीं कर पाई. 1989 में बी पी सिंह की सरकार जिसमें भाजपा भी शामिल थी द्वारा मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करने के बाद पिछड़े वर्ग को केवल सरकारी नौकरियां ही बल्कि विभिन्न शिक्षण संस्थानों में भी नामांकन का मौका मिला.

राज्य सरकार कक्षा 1 से 10 तक के अतिपिछड़ा वर्ग के छात्रों को 600 से 1800 तक प्रतिवर्ष छात्रवृति दे रही है. प्रथम श्रेणी में मैट्रिक उत्तीर्ण करने वाले 90 हजार छात्रों को 10-10 हजार रुपये की मेघावृति दी गई है. जिलों में कर्पूरी ठाकुर के नाम पर छात्रावास का निर्माण कराया गया है.


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