Input your search keywords and press Enter.

…तो इसलिए बिहार के शिक्षकों को नही मिल रही सेलरी

teachers

teachers


राज्य में विश्वविद्यालय और स्कूल के शिक्षकों की सैलरी का मामला कई महीने से लटका हुआ है. राशि सरकार की तरफ से जारी होने के बाद भी यह एकाउंट में पड़ी हुई है. इसका मुख्य कारण विभागीय स्तर पर लापरवाही है और खामियाजा शिक्षक तथा अन्य कर्मचारी भुगत रहे हैं. शिक्षा विभाग ने वर्ष 2003-4 से 2015-16 के बीच खर्च किये गये 10 हजार करोड़ से ज्याद का उपयोगिता प्रमाण पत्र ही जमा नहीं किया है. यूसी जमा नहीं करने के कारण ट्रेजरी से आवंटन मिलने के बाद भी रूपये की निकासी नहीं हो पारी है.

विभागों के बीच सरकारी लेन देन के लिए लागू सीएफएमएस की वजह से इनका एकाउंट आॅटोमैटिक फ्रिज हो गया. इस वजह से रूपये की निकासी नहीं हो पा रही है. यह हालत करीब 10 अन्य विभागों की भी है. इन विभागों ने 30 हजार करोड़ से ज्याद से का यूसी जमा ही नहीं किया है. महालेखाकार कार्यालय ने इस पर सख्त आपत्ति जताते हुए इसका समायोजन जल्द करने के लिए कहा है. महालेखाकार ने विभागों के बाकये यूसी से संबंधित एक रिपोर्ट भी राज्य सरकार को भेजी है. महालेखकार की कड़ी आपत्ति के बाद वित्त विभाग बकायेदार विभागों पर जल्द से जल्द यूसी जमा करने का निर्देश दिया है.
Loading...

वित्त विभाग में विभागों के बीच राशि के लेन देन और योजनाओं मद में आवंटन या ग्रांट ट्रांसफर करने का पूरा काम सीएफएमएस नामक सॉफ्टवेयर से होता है. खर्च का यूसी भी इसमें समायोजित करने का प्रावधान है. इसमें एक निर्धारित सीमा के बाद लगातार खर्च का बकाया दिखाने के बाद संबंधित विभाग का एकाउंट स्वत: लॉ हो जाता है. इसके बाद राशि की निकासी नही हो सकती है.

[related_posts_by_tax title=”रिलेटेड न्यूज़:” posts_per_page=”3″]
इस न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.
[addtoany]

Leave a Reply

Your email address will not be published.