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चाचा नीतीश पर तेजस्वी तंज पढ़ा, लालू के लाल तेज प्रताप का धमाकेदार बयान नहीं पढ़ा तो क्या पढ़ा आपने….

file photo


न्यूज़ डेस्क: विशेष राज्य का दर्जा न मिलने से नाराज चंद्रबाबू नायडू ने मोदी सरकार को बीच में छोड़ने का फैसला क्या लिया बिहार में भी बवाल मच गया. सूबे की विपक्षी पार्टी के नेता एकदम आक्रमक मुड में आ गए. पहले से ही बजट से नाराज चल रहे चंद्रबाबू नायडू ने मांगे पूरी नहीं होने पर गठबंधन तोड़ते हुए बीजेपी से अलग होने का फैसला लिया जिसके बाद बिहार में भी विशेष राज्य का दर्जा को लेकर बयानबाजी शुरू हो गया.

नेता प्रतिपक्ष नेताजस्वी यादव, राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव ने सीएम नीतीश कुमार को विशेष राज्य के मुद्दे पर आड़े हाथों लिया. लेकिन इस मामले में लालू के लाल कृष्ण कन्हैया तेज प्रताप यादव कहाँ पीछे रहने वाले थे. लालू के लाल ने भी अपने चाचा सीएम नीतीश कुमार को लपेटे में लिया. विशेष राज्य के दर्ज्जे पर सीएम को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बड़का ठग निकले नीतीश कुमार..बिहार को विषेश राज्य के दर्जे का हड़होड़ कर खुब मुंह चमकाया. अब जब ठगबंधन के बाद दोनों जगह आपकी सरकार है तो कौन सी मजबूरी में मुंह बंद कर रखा है आपने?? नीतीश कुमार जी सिर्फ अपनी बेहतरी कि चाहत रखते है जैसे अच्छा बंगला, अच्छी Security, ज्यादा बंगला, ज्यादा Secretary..राज्य की गरीब जनता जाए भाड़ मे…कुर्सी की आँच में विषेश राज्य के मुद्दे को दहन कर दिया कुर्सी कुमार ने…

दुसरी तरफ तेजस्वी यादव ने भी चाचा नीतीश पर खूब तंज कसा, कहा कि सीएम नीतीश कुमार को आँध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से सीखना चाहिए. शासन इक़बाल और स्वाभिमान से चलता है ‪कितने दिन डरकर बिहार का नुक़सान करते रहेंगे. नीतीश कुमार जी ने व्यक्तिगत फ़ायदों के लिए बिहार के हितों की तिलांजलि दे दी है. नीतीश कुमार ने अपने लिए ‘विशेष आवास’ और ‘विशेष सुरक्षा’ के समझौते के तहत बिहार की विशेष दर्जे की माँग को कूड़ेदान में डलवा दिया.

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नीतीश कुमार को यह हक़ किसने दिया है की अपने व्यक्तिगत स्वार्थों की पूर्ति के लिए वो बिहार के साथ हक़मारी करें. स्वयंघोषित नैतिक पुरुष जवाब दें. मुख्यमंत्री नीतीश जी को मैंने 5 फ़रवरी को पत्र लिखकर अपने नेता प्रधानमंत्री मोदी जी से बिहार के लिए विशेष राज्य की माँग करने की विनम्र विनती के साथ-साथ तन-मन-जन से पूर्ण समर्थन देने का वायदा भी किया था लेकिन मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष को उस पत्र का जवाब देना भी उचित नहीं समझा. नीतीश कुमार जी बतायें उन्होंने किस सीडी और फ़ाइल के डर से अपनी नैतिकता, अंतरात्मा, राजनीति और बिहार के अधिकारों को भाजपा के यहाँ गिरवी रखा है?

तेजस्वी यादव ने तो यहाँ तक कह डाला कि नीतीश कुमार रीढ़विहीन मुख्यमंत्री है. अगर प्रधानमंत्री मोदी जी और केंद्र सरकार बिहार की विशेष दर्जे की जायज़ माँग को अस्वीकार करते है तो नीतीश जी को अंतरात्मा की आवाज़ पर तुरंत इस्तीफ़ा देकर NDA से गठबंधन तोड़ना चाहिए. कुछ तो हिम्मत दिखाइए चाचा जी. हम इस माँग पर साथ है.

लालू यादव भी थोड़े पीछे रहते लगे हाथ उन्होंने भी छोटे भाई पर टूट पड़े लालू यादव ने ट्विट कर पूछा कि केंद्र और बिहार में एनडीए की सरकारें है फिर भी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा क्यों नही मिल रहा? बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नीतीश नहीं दिलाना चाहते या फिर बीजेपी नहीं चाहती? छुपन-छुपाई छोड़ बिहार की जनता को स्पष्ट बताओ? किस वजह और किसकी वजह से विशेष राज्य का दर्जा नही मिल रहा? सीएम नीतीश को अपना डर और स्वार्थ छोड़ रीढ़ की हड्डी सीधी रखनी चाहिए. नीतीश बिहार की जनता को बताये PM मोदी ने विशेष पैकेज के नाम पर 1 लाख 65 हज़ार करोड़ की बिहार की बोली लगाई थी उसमें से कितनी चवन्नी मिली? धेला नहीं मिला धेला..हिम्मत है तो बताओ? कितना मिला? कब तक गुमराह करोगे?


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