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आलीशान होटलों का शहर बना ‘बांका’…

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संजीव मिश्रा,भागलपुर: एक समय ऐसा था. राहगीरों के लिए कभी रात बिताने को नहीं मिलती थी जगह, वहीं बांका शहर अब आलिशान होटलों का शहर बन गया है. बांका शहर हालांकि एक छोटा सा कस्बानुमा शहर है, लेकिन फिर भी आज यहां दर्जनभर होटल से भी ज्यादा हैं.

जहां लोग आराम से रह सकते हैं, अपनी रातें गुजार सकते हैं. इनमें आधे दर्जन होटल तो आलीशान दर्जे के हैं. यह सच है कि इन होटलों का किराया अपेक्षाकृत सामान्य होटलों से ज्यादा है, लेकिन फिर भी अगर आप इन होटलों में रहना चाहें तो जेब पर बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता. जी हां आज हम बात कर रहे हैं बांका के होटल मधुवन का.

इन आलीशान होटलों में ‘मधुवन बिहार’ होटल प्रमुख है. बांका के विजय नगर स्थित सर्किट हाउस शीतला स्थान रोड में अवस्थित मधुवन विहार होटल में कुल 27 कमरे हैं. होटल की भव्य महलनुमा बनावट और इसकी आकृति दूर से ही लोगों को आकर्षित करती है. इस होटल के सभी 27 कमरे AC हैं. इस होटल की खासियत यह है कि यहां एक भव्य डाइनिंग हॉल, दो अन्य बड़े-बड़े हाल हैं, जहां बड़ी बैठकें, जलसा, कॉन्फ्रेंस, भोज आदि का आयोजन बेहद आराम से हो सकता है. क्षेत्र में शादी विवाह के आयोजन के लिए यह होटल लोगों की पहली पसंद बन चुका है. मधुवन विहार होटल में अपना रेस्टोरेंट है जहां से इस होटल में ठहरने वाला कोई भी यात्री कभी भी ऑर्डर देकर नाश्ता, चाय या भोजन प्राप्त कर सकता है. वो भी टेस्टी खाने के साथ.

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ऐसे तो शहर में चार-पांच अन्य बड़े होटल और भी हैं जहां लोग अपनी सुविधानुसार ठहरना पसंद कर सकते हैं लेकिन होटल मधुवन विहार की बात ही कुछ और है. साफ-सफाई, अनुशासन और बेहद व्यवहारिक संचालन इस होटल की खासियत है. यहां के कर्मचारी भी बेहद विनम्र और
अनुशासनप्रिय हैं. शहर के गांधी चौक के आसपास दो और बड़े होटल हैं. बांका शहर में लगभग दो दर्जन प्राइवेट लॉज भी है जहां लोग अपनी सुविधा के अनुसार ठहरते हैं लेकिन आमतौर पर इन लॉजों या छोटे होटलों में ठहरने वाले यात्री क्या अनुभव लेकर निकलते हैं, यह उन्हीं से बेहतर जाना- समझा जा सकता है.

यहां यह बता देना जरुरी होगा कि आज से डेढ़ दशक पूर्व तक शहर में आने वाले रात बेरात के यात्री किसी धर्मशाला, मंदिर या चौपाल की तलाश करते थे. स्थिति को भांपते हुए उस दौर के बांका के कलेक्टर की पहल पर रेफरो एजेंसी के जरिए यहां बिरसा भवन नाम से रैन बसेरा का निर्माण कराया गया था. लेकिन यह भवन निर्माण के बाद से ही आज तक विभिन्न सरकारी दफ्तरों के रुप में इस्तेमाल हो रहा है और आम लोगों को कोई लाभ इससे नहीं मिल पा रहा. हमारी DBN की टीम ने जब बांका जिला सिटी का मुआना किया तो उसमें सबसे उपयुक्त होटल मधुवन बिहार सबसे सही पाया. सारी जानकारी हमारे संवाददाता संजीव मिश्रा के द्वारा संग्रहीत की गई है.

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