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पर्यटक भवन पर बीडीओ का अवैध कब्जा, खुले आसमान के नीचे ठहरने को विवश हैं पर्यटक……

पर्यटक भवन पर बीडीओ का अवैध कब्जा फोटो

डीबीएन न्यूज/मोतिहारी{मधुरेश}– पूर्वी चंपारण के केसरिया पर्यटक भवन पर बीडीओ द्वारा अवैध रूप से कब्जा जमाए रखने का मामला प्रकाश में आया है. केसरिया देश ही नहीं बल्कि दुनिया के पैमाने पर सबसे ऊंचे बौद्ध स्तूप के लिए प्रसिद्ध है. विश्व प्रसिद्ध केसरिया बौद्ध स्तूप के भ्रमण-दर्शन को लेकर सालो भर यहां देशी-विदेशी पर्यटकों का तांता लगा रहता है.यहां अपने देश के सभी राज्यों के अलावें श्रीलंका, जापान, थाईलैंड, म्यांमार, नेपाल, चीन, अमेरिका, रुस एवं तिब्बत समेत विश्व के कोने-कोने से विदेशी पर्यटक खासकर बौद्ध धर्मावलंबी आते रहते हैं.

विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्तूप के समीप यहां आने वाले पर्यटकों के लिए किसी भी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है. यहां न तो पर्यटकों को शुद्ध पेयजल मिल पाता है और न ही क्षणिक आराम के लिए कोई कमरा. हारे-थके पर्यटक बौद्ध स्तूप की छांव में शकुन के दो पल बिताने की अधूरी हसरत लिए आगे की यात्रा पर निकल जाते हैं.

यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2009-10 में केसरिया के तत्कालीन विधायक राजेश कुमार रौशन उर्फ बब्लूदेव के अथक प्रयास से बौद्ध स्तूप के समीप सम विकास योजना के तहत करीब 50 लाख रुपये की लागत से दो मंजिला पर्यटक भवन के निर्माण की स्वीकृति मिली थी. निर्माण के पूर्व ही जमीन उपलब्धता का मामला उलझ जाने के कारण उक्त पर्यटक भवन का निर्माण स्तूप के समीप न कराकर केसरिया प्रखंड परिसर में करा दिया गया.

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उस समय इसे लेकर काफी आंदोलन भी हुआ था, लेकिन उसका कोई असर सरकार पर नहीं पड़ा. निर्माण के बाद से ही इस पर्यटक भवन पर केसरिया के प्रखंड प्रशासन का कब्जा है. इस पर्यटक भवन पर यहां के बीडीओ ने अवैध कब्जा जमा रखा है. केसरिया प्रखंड परिसर में बीडीओ का आवास भी है लेकिन उस आवास में न रहकर यहां के बीडीओ पर्यटक भवन को अपना आशियाना बनाये हुए हैं.

केसरिया बौद्ध डेवलपमेंट सेंटर के अध्यक्ष के.के. जायसवाल ने डेली बिहार न्यूज से बातचीत में कहा कि पर्यटक भवन यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के विश्राम के लिए बना है न की बीडीओ साहब के आराम फरमाने के लिए.उन्होंने कहा कि बीडीओ के चंगुल से पर्यटक भवन को मुक्त कराने के लिए वे बहुत जल्द बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार से भी मिलेंगे. श्री जायसवाल ने कहा कि पर्यटन विभाग को तो बीडीओ से उक्त भवन का किराया भी वसूल करना चाहिए. उन्होंने बिहार सरकार से पर्यटन हित में केसरिया के पर्यटक भवन को बीडीओ के कब्जे से मुक्त कराकर इसे पर्यटकों के लिए सुव्यवस्थित करने की मांग की है.

केसरिया बौद्ध डेवलपमेंट सेंटर के अध्यक्ष ने कहा कि अगर एक माह के अंदर पर्यटक भवन को बीडीओ के कब्जे से मुक्त नहीं कराया गया तो उनके संगठन के सदस्य आंदोलन को बाध्य होंगे.


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