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‘बिना 5 डिसमिल जमीन के मुख्यमंत्री का न्याय के साथ विकास है बेमानी’

vrishen patel

हितेश कुमार :जीतन राम मांझी जब बिहार के सीएम बने थे तब उन्होंने दलितों को 5 डिसमिल जमीन देने की घोषणा की थी. पर जब तक वह यह वादा पूरा कर पाते तब तक सूबे में एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बन गई थी. और नीतीश कुमार ने जीतन राम मांझी के द्वारा लिए गए जमीन देने वाले फैसले को निरस्त कर दिया था. जिसके बाद आज शुक्रवार को हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से0) के प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व मंत्री वृषिण पटेल ने कहा कि दलितों को जब तक 5 डिसमिल जमीन की व्यवस्था नहीं होती तब तक न्याय के साथ विकास बेमानी मानी जाएगी.

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गरीब, दलित परिवार के लोग आज इस कड़ाके की ठंड में भी अपना घर नहीं होने के कारण किसी तरह से जीवन जीने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यह हमारे सरकार के लिए चिंता का विषय होना चाहिए. हम उन गरीबों के प्रति सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए मांग करते हैं कि दलित परिवार को 5 डिसमिल जमीन देने का एक लक्ष्य के तहत यथाशीघ्र वितरण करने की तैयारी राज्य सरकार के मुखिया श्री नीतीश कुमार से की है.

इसके साथ ही वृषण पटेल ने कहा कि आज बिहार में एनडीए की सरकार है और हम उसके पार्ट हैं. हमारी पार्टी का निर्माण गरीब, दलित, महिला, अति पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, के साथ गरीबी की मार झेल अंतिम व्यक्ति की खुशहाली को लेकर की गई है. इसलिए हम उन बेघर लोगों के लिए मांग करते हैं की यथाशीघ्र गरीबों के बीच न्याय के साथ विकास के तहत 5 डिसमिल जमीन भी राज्य सरकार वितरण करने का लक्ष्य अपने सात निश्चय में जोड़कर 8 निश्चय के तहत वितरण करें तभी बिहार का सही मायने में विकास संभव है.


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