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तेज प्रताप, लालू की राजनीतिक विरासत संभालेंगे?

पटना. डीबी न्यूज़ डेस्क
क्या आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव अपने बड़े बेटे तेज प्रताप को अपनी राजनीतिक विरासत सौंपने जा रहे हैं?
फिलहाल तो उनकी घर पर चल रही गतिविधियों को देख कर यही कहा जा सकता है. लालू यादव के 9 बच्चों में से 3 बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं.

इनमे सबसे ज्यादा चर्चा तेज प्रताप को लेकर है. उन्होंने हाल ही में अपने पिता की मौजूदगी में खुद से वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से अपनी उम्मीदवारी का ऐलान किया है. हालांकि, मीसा और तेजस्वी के पास राजनीतिक अनुभव ज्यादा है. मीसा 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं वहीँ तेजस्वी के हाथों में आरजेडी के यूथ विंग की कमान है. लेकिन इन सबमे अब तेज प्रताप आगे निकलते दिख रहे हैं. जब मीसा और तेजस्वी ने राजनीति में एंट्री की थी तब भी पार्टी के सीनियर नेता तेज प्रताप में ज्यादा संभावनाएं देख रहे थे. मां राबड़ी देवी भी उनके समर्थन में हैं.

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हालांकि तेज की उम्मीदवारी को लेकर पार्टी में भी एक राय नहीं है. मगर विरोध से लालू को फर्क नहीं पड़ता. उनका कहना था कि,’अगर मेरा बेटा एमएलए का चुनाव नहीं लड़ेगा तो क्या वह भैंस चराएगा.’ जेल में 77 दिन बिताकर 2013 में वापस लौटने पर, वो तेज प्रताप को भगवान गणेश के समान बता चुके हैं, जिन्होंने कभी राबड़ी देवी का साथ नहीं छोड़ा. हिन्दू धर्मग्रंथों के मुताबिक़, भगवान शिव जब बाहर थे, तो भगवान गणेश अपनी मां पार्वती के साथ रहे थे.

आनेवाले चुनावों में अगर आरजेडी-जेडीयू गठबंधन की जीत होती है, तो सबकी नजर उपमुख्यमंत्री की कुर्सी पर होंगी. लालू अब खुद चुनाव लड़ने या किसी भी पद पर बने रहने के लिए अयोग्य हैं. इन सब मामलों पर तेज प्रताप का कहना है कि,’आगे किसको करना है, यह अहम नहीं है, जनता की समस्याएं कैसे सुलझानी है, वह अहम है।’

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