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स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के बहाने नीतीश पर पासवान ने किया बड़ा हमला …

nitish_kumar
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फ़ाइल फ़ोटो


अनुसूचित जाती-जनजाति के कल्याण की बात तो बिहार की सरकार खूब करती है. लेकिन उनकी भलाई का काम नहीं होता है. यह बातें केन्द्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के सदस्य योगेन्द्र पासवान ने प्रेस वार्ता कर कहा. अनु.जाति-जनजाति के छात्रों का छात्रवृति का बंद करने के मामले में बिहार सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा की साल 2016-17 से मट्रिक के बाद मिलने वाला छात्रवृति को बंद करना अनु.जाति के छात्रों के साथ धोखा है.

बिहार सरकार के मुखिया नितीश कुमार के सात निश्चयों में शामिल स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर भी सरकार को घेरा और कहा सरकार कार्ड के माध्यम से छात्रों को अनुदान नही लोन दे रही है. राज्य सरकार अनु.जाति के छात्रों को अन्धकार में धकेलने का काम कर रही है. आज विभाग के सचिव से वार्ता कर छात्रों के साथ हो रहें अन्याय को समाप्त करने को कहा गया है. यदि इस मामले में कार्यवाई नही की जाती है तो आयोग विभाग के प्रधान सचिव को बुलाकर इस मामले में कार्यवाई को भी कह सकता है. उन्होने यह भी कहा कि दलित और महादलित शब्द ही संविधान के अनुसार नही है. यह शब्द ही असंवैधानिक है.

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गौरतलब है कि पूर्व में छात्रों को 1.5 लाख रूपए तक की छात्रवृति का अनुदान दिया जाता रहा है. यह योजना केंद्र प्रायोजित है, और इसमें 75% हिस्सा केंद्र का होता है. अनु.जाति के छात्रों के छातावृति को साल 2012-13 से ही छात्रो को छात्रवृति की राशि को कम कर के 15000 रूपए कर दिया गया था. बाद में जब यह मुद्दा राजनीतिक रंग लेने लगा तो यह कह दिया गया कि पूर्व में नामांकित छात्रों को पूर्व की भांति ही दिया जाएगा छात्रवृति. लेकिन बाद में इन्हें भी वहीं 15000 रूपए ही दिया गया. फिर साल 2016-17 से छात्रवृति के अनुदान को बंद कर दिया गया.

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