Breaking News
December 12, 2018 - लालू निकलना चाहते हैं बाहर
December 12, 2018 - कृषि विभाग में निकली बंपर बहाली
December 12, 2018 - महागठबंधन में यह फार्मूला आया सामने
December 12, 2018 - तेज प्रताप भी जीत से उत्साहित
December 12, 2018 - हार के अगले दिन बिहार में योगी
December 12, 2018 - बिहार से बाहर जदयू के सभी प्रयासों का हुआ बुरा हाल
December 12, 2018 - महागठबंधन में बड़े भाई और छोटे भाई पर बिगड़ी बात
December 12, 2018 - लोस के शीत सत्र में सुपौल की कांग्रेस सांसद ने इन मुद्दों को ले दी स्थगन प्रस्ताव नोटिस
December 12, 2018 - वसुंधरा राजे सरकार के 30 में से 20 मंत्री चुनाव हार गए, बेटे को टिकट दिलवाया वो भी हार गये
December 11, 2018 - मुख्यमंत्री ने समाजवादी नेता स्व0 राम अवधेष चैधरी के श्राद्धकर्म में भाग लिया

बिहार में महागठबंधन की जीत पक्की

शेयर कर और लोगों तक पहुंचाए

rahul gandhi

हमारे यहाँ राजनीति विकास से ज्यादा समीकरण से जीती जाती है. महागठबंधन ने जो सामाजिक समीकरण बनाया है वह अब एनडीए से काफी मजबूत नजर आ रही है. कांग्रेस की हालिया रणनीति पर नजर डालेंगे तो साफ़ हो जायेगा कि कांग्रेस को नोटा वोट चाहिए.

कांग्रेस ने सवर्ण को बनाया बिहार प्रदेश अध्यक्ष

कांग्रेस को चाहिए सवर्ण वोट या नोटा

कांग्रेस ने अपने पुराने सवर्ण नेता मदनमोहन झा को पार्टी का अध्यक्ष बनाया है. कांग्रेस जानती है कि अगर 5 परसेंट भी सवर्ण वोटरों को वह अपनी तरफ करने में कामयाब होती है तो महागठबंधन को सरकार बनाने से कोई नहीं रोक सकता.

कल कांग्रेस प्रवक्ता और एमएलसी प्रेम चन्द्र मिश्रा ने एक बार फिर सवर्ण आरक्षण की अपनी मांग दोहराई, ऐसा क्यों? राजद और हम पार्टी पहले ही सवर्ण आरक्षण को नकार चुकें है लेकिन उसके बाद भी कांग्रेस सवर्णों की वकालत कर रही है. साफ़ है कांग्रेस को सवर्ण वोट या नोटा चाहिए और दोनों ही स्थिति में महागठबंधन की जीत तय हो जाएगी.

कुशवाहा का बढ़ा कद

उपेंद्र कुशवाहा को लेकर अभी भी एनडीए अस्वत नहीं है कि वह रहेंगे की जायेंगे. ऐसे में अगर कुशवाहा महागठबंधन में जाते है तो नीतीश कुमार का बड़ा वोट बैंक महागठबंधन को जायेगा. कुशवाहा को सोशल मीडिया पर भी काफी समर्थन मिल रहा है. जदयू और बीजेपी, कुशवाहा को हल्के में ले रहे है लेकिन अलग होने के बाद कुशवाहा को सहानभूति वोट मिलेगा.

शेयर कर और लोगों तक पहुंचाए

About author