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अखिलेश यादव ने NPR फॉर्म नहीं भरने का किया ऐलान, कहा आप साथ दे

एसपी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा, “हम संविधान बचाना चाहते हैं लेकिन जिनसे मुकाबला है वे संविधान को कुछ नहीं समझते। नौजवानों को रोजगार चाहिए या एनपीआर? बीजेपी के लोग तय नहीं करेंगे कि हम नागरिक हैं या नहीं।”

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पे साधा निशाना
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पे साधा निशाना

अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि वह नैशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) में अपना पंजीकरण नहीं कराएंगे।

एसपी अध्‍यक्ष अखिलेश ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा, “आजकल ब्रेकिंग न्यूज चल रही है चश्मा। नौजवान आज सब समझ रहे हैं। समाजवादी मुकदमे से नहीं डरते। जब सीएम अपने मुकदमे वापस ले रहे हैं, तब मुकदमे किया जा रहा है।”

आखिर है क्या ये एनपीआर?

नैशनल पॉपुलेशन रजिस्टर यानी एनपीआर भारत में रहने वाले सामान्य निवासियों का एक रजिस्टर है। यह यहां रहने वाले लोगों (निवासियों) का रजिस्टर है। इसे ग्राम पंचायत, तहसील, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाता है।

बीजेपी नही तय कर सकती कौन नागरिक है कौन नही।

अखिलेश ने कहा, “हम संविधान बचाना चाहते हैं लेकिन जिनसे मुकाबला है वे संविधान को कुछ नहीं समझते। नौजवानों को रोजगार चाहिए या एनपीआर? बीजेपी के लोग तय नहीं करेंगे कि हम नागरिक हैं या नहीं। महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में रास्ता दिखाया था। उन्होंने कुछ कार्ड जला दिए थे। यहां हम पहले होंगे जो एनपीआर का फॉर्म नहीं भरेंगे, मैं कोई फॉर्म नहीं भरने जा रहा।”

अखिलेश का यह भी इलज़ाम है कि सीएम योगी आदित्‍यनाथ अपनी कुर्सी बचाने के लिए अन्याय कर रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि सरकार बनने के बाद सटीक करवाई करायी जायेगी, और आरोपियों को उनके गुनाहो की सज़ा भी दी जायेगी।