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योगी ने राहुल पर बोला हमला, कहा इनकी हरकतों की वजह से ही इन्हें नकार चुकी है जनता

लखनऊ (जेएनएन): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सवा साल में राज्य के सभी 75 जिलों का दौरा करने वाले प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री हैं. निजी और सरकारी तौर पर गोरखपुर में सर्वाधिक आना-जाना रहा. इस रिकार्ड को अपने कर्म के बजाय भाग्य से जोड़ने वाले सीएम योगी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर उठे सवाल पर कहा कि राहुल गांधी की बचकानी हरकतों की वजह से पूरा राष्ट्र उन्हें नकार चुका है. संसद में अविश्वास प्रस्ताव ने कांग्रेस की कलई खोल दी है. इस दौरान संसद में उनके कार्य और व्यवहार से विपक्षा का अपरिपक्व व्यक्तित्व उजागर हुआ है.

माब लिंचिंग की बात करें तो 1984 में क्या हुआ था

योगी आदित्यनाथ ने माब लिंचिंग को लेकर चल रहे हंगामे पर कहा कि ऐसी घटनाओं को बवजह तूल दिया जा रहा है. यदि आप माब लिंचिंग की बात करते हैं तो 1984 में क्या हुआ था? कानून व्यवस्था सरकार का विषय है. उसे सरकार देख रही है. कांग्रेस का उद्देश्य छोटे-छोटे मामलों को तुल देकर राई को पहाड़ बनाना है. योगी ने कहा कि 15-16 महीने में 75 जिलों का दौरा कर वहां की सरकारी मशीनरी को सक्रिय करने पर वह अपने आपको भाग्यशाली समझते हैं.

कहां कितनी बार

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  • गोरखपुर: निजी और सरकारी दोनो के कारण काफी अधिक
  • पांच बारः मथुरा, इलाहाबाद
  • चार बारः आजमगढ़, आगरा, कुशीनगर, गोंडा, महाराजगंज, फैजाबाद
  • तीन बारः शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, मीरजापुर, लखीमपुर, कानपुर, सीतापुर, उन्नाव, वाराणसी
  • दो बारः बागपत, मेरठ, बस्ती,मुरादाबाद, बलरामपुर, बाराबंकी, पीलीफीत, झांसी इटावा
  • एक बारः शेष सभी जिले

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    गोरखपुर से शुरू और हाथरस में समापन

    19 मार्च 2017 को सत्ता संभालने के बाद शुरुआत उन्होंने गोरखपुर से ही की. समापन 22 जुलाई 2018 को हाथरस में किया. गोरखपुर की तमाम यात्राएं निजी थीं. लिहाजा सरकारी यात्राओं उनका जिक्र नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संससदीय क्षेत्र वाराणसी और अगले साल होने वाले कुंभ के नाते इलाहाबाद भी उनके लिए खास रहा. राम मंदिर के नाते उनकी अयोध्या की यात्राएं सर्वाधिक सुर्खियों में रहीं. पर योगी श्रीकृष्ण की जन्म भूमि मथुरा सर्वाधिक पांच बार गये. विश्व प्रसिद्ध बरसाना के ‘रंगोत्सव’ और लोहवन के ‘फाल्गुनोत्सव’ वे रंगों से भीगे भी. अगस्त-2017 में बाढ़ के दौरान उन्होंने बलिया, महराजगंज, बहराइच, श्रावस्ती, बाराबंकी, पीलीभीत, सिद्धार्थनगर और सीतापुर का न केवल दौरा किया, बल्कि नाव से घंटों की यात्रा कर प्रभावित इलाकों में गये.


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