31 मार्च 2026

भारतीय क्रिकेट का रोमांच: कीवियों के खिलाफ आखिरी रण और 2027 टेस्ट सीरीज के वेन्यू पर छिड़ी बहस

भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए इन दिनों मैदान के अंदर और बाहर, दोनों ही मोर्चों पर काफी हलचल मची हुई है। एक तरफ जहां टीम इंडिया न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा टी-20 सीरीज के आखिरी और निर्णायक मुकाबले के लिए तैयार है, वहीं दूसरी तरफ बीसीसीआई द्वारा 2027 की हाई-प्रोफाइल बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए चुने गए वेन्यू ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

तिरुवनंतपुरम में भारत-न्यूजीलैंड की आखिरी भिड़ंत

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी-20 सीरीज अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। शनिवार, 31 जनवरी को तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में सीरीज का पांचवां मुकाबला खेला जाना है। फिलहाल भारतीय टीम इस सीरीज में 3-1 की बढ़त के साथ मजबूत स्थिति में है। टीम इंडिया की पूरी कोशिश होगी कि वह यह मैच जीतकर 4-1 से सीरीज पर कब्जा जमाए। वहीं दूसरी ओर, लगातार तीन हार के बाद चौथे मैच में वापसी करने वाली कीवी टीम इस आखिरी मुकाबले को हर हाल में जीतकर अपनी साख बचाना चाहेगी।

मैच का समय और लाइव स्ट्रीमिंग की जानकारी

अगर आप इस रोमांचक मैच को देखने का प्लान बना रहे हैं, तो शाम 7 बजे टीवी स्क्रीन के सामने बैठ जाइएगा। मैच का टॉस शाम 6:30 बजे होगा। आप स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर इस मुकाबले का सीधा प्रसारण देख सकते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मैच देखने वालों के लिए जियो हॉटस्टार पर लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा जो दर्शक फ्री में मैच का लुत्फ उठाना चाहते हैं, वे डीडी स्पोर्ट्स पर ट्यून इन कर सकते हैं।

हेड-टू-हेड आंकड़ों पर एक नजर

आंकड़ों की बात करें तो टी-20 फॉर्मेट में भारत का पलड़ा भारी नजर आता है। दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 25 टी-20 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से 14 बार भारत ने जीत का स्वाद चखा है और 10 मैचों में न्यूजीलैंड को कामयाबी मिली है, जबकि एक मुकाबला टाई पर छूटा। वनडे क्रिकेट के इतिहास में दोनों टीमें 120 बार आमने-सामने हुई हैं। इनमें से 62 मैच भारत के नाम रहे और 20 मुकाबलों में न्यूजीलैंड ने बाजी मारी है। टेस्ट क्रिकेट के 65 मैचों में से 22 में भारत ने जीत दर्ज की है, 16 में कीवी टीम जीती और 27 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं।

2027 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के वेन्यू पर विवाद

जहां मौजूदा सीरीज में टीम का प्रदर्शन शानदार है, वहीं भविष्य के क्रिकेट कैलेंडर को लेकर सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा फूट पड़ा है। दरअसल, बीसीसीआई ने हाल ही में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली 2027 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (बीजीटी) के शेड्यूल्स और वेन्यू की घोषणा की है। हैरानी की बात यह है कि इस बहुप्रतीक्षित सीरीज के लिए कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स और मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम को मैचों की मेजबानी नहीं सौंपी गई है।

यह अहम सीरीज जनवरी, फरवरी और मार्च 2027 के दौरान खेली जाएगी। कार्यक्रम के मुताबिक, पहला टेस्ट 21 जनवरी से नागपुर में शुरू होगा। इसके बाद 29 जनवरी से 2 फरवरी तक चेन्नई में दूसरा मुकाबला खेला जाएगा। आठ दिन के ब्रेक के बाद, 11 से 15 फरवरी तक गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में तीसरा टेस्ट होगा। चौथा टेस्ट 19 से 23 फरवरी के बीच रांची में और सीरीज का आखिरी मुकाबला 27 फरवरी से अहमदाबाद में खेला जाना तय हुआ है।

सौरव गांगुली और वेंकटपति राजू की राय

इस रोटेशन और वेन्यू के चुनाव पर जब बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के अध्यक्ष और पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली से सवाल किया गया, तो उन्होंने स्थिति को साफ करने की कोशिश की। उनका कहना था कि ईडन गार्डन्स में बड़े टेस्ट मैच होना हमेशा से एक शानदार अनुभव रहा है। एक पूर्व खिलाड़ी और कैब अध्यक्ष के तौर पर वे भी चाहेंगे कि यहां ज्यादा से ज्यादा टेस्ट मैच हों। हालांकि, उन्होंने याद दिलाया कि ईडन गार्डन्स ने पिछले साल ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक टेस्ट मैच की मेजबानी की थी और उसके बाद टी-20 वर्ल्ड कप व आईपीएल के कई मैच भी यहां खेले गए। गांगुली ने कहा कि देश के बाकी स्टेडियम भी बेहतरीन हैं। चेन्नई, गुवाहाटी या रांची जैसी जगहों पर जहां शानदार सुविधाएं मौजूद हैं, मैच होना एक अच्छी बात है और खेलों को दूसरे वेन्यू तक ले जाना भी उतना ही जरूरी है।

वहीं दूसरी तरफ, पूर्व स्पिनर वेंकटपति राजू का नजरिया गांगुली से थोड़ा अलग है। वे मानते हैं कि बड़े और हाई-प्रोफाइल टेस्ट मैच पारंपरिक और बड़े सेंटर्स पर ही खेले जाने चाहिए। राजू के मुताबिक, उनके दौर में कोलकाता, कानपुर, चेन्नई, दिल्ली और मुंबई जैसे पांच मुख्य टेस्ट वेन्यू हुआ करते थे जिनका अपना एक अलग ही आकर्षण था। वे चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट के लिए उसी पुराने फॉर्मेट को वापस लाया जाए। उनका मानना है कि वनडे और टी-20 मैच कहीं भी कराए जा सकते हैं, लेकिन ईडन गार्डन्स जैसी जगहों पर भारी दर्शकों के समर्थन के बीच टेस्ट मैच खेलना खिलाड़ियों के लिए एक खास तरह का सम्मान होता है।

इस पूरी बहस में बीसीसीआई की रोटेशन पॉलिसी पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मसलन, गुवाहाटी को इस अहम सीरीज की मेजबानी दी गई है, जबकि उसने नवंबर 2025 में ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज की मेजबानी की थी। नागपुर, चेन्नई और अहमदाबाद जैसे वेन्यू को उनके रोटेशन के हिसाब से मैच मिल गए हैं, लेकिन मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख क्रिकेटिंग हब का इस प्रतिष्ठित सीरीज से पूरी तरह बाहर रहना कई क्रिकेट प्रेमियों की समझ से परे है।